- वर्ष 2010 के दंगों से जुड़ा यह मामला अभी तक एडीजे फास्ट ट्रैक रवि कुमार दिवाकर के कोर्ट में था। इस मामले में एक अप्रैल की तारीख सुनवाई के लिए तय है। जाहिर है कि अब जिला जज के कोर्ट में एक अप्रैल को मामले की सुनवाई की जाएगी।
- पिछले दिनों एडीजे कोर्ट की नाराजगी और दो गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी मौलाना की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। कोर्ट ने मौलाना की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी सीधे तौर पर एसएसपी को और कानून व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी डीएम को दी थी। मौलाना की तलाश में दो सीओ के नेतृत्व में करीब दस टीम लगाई गई थीं। चार राज्यों में दबिश के बाद भी मौलाना का सुराग नहीं मिल सका था।
- ताबड़तोड़ दबिश और बरेली में समर्थकों पर सख्ती के बाद मौलाना तौकीर रजा ने हाईकोर्ट का रुख किया था। उम्मीद थी वहां से राहत मिल जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इस मामले में 27 मार्च तक मौलाना तौकीर को स्थानीय कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है।
वकील देख रहे कानूनी दांवपेंच
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट से केस हटने को मौलाना तौकीर रजा पक्ष राहत के रूप में देख रहा है। हालांकि उनकी पार्टी के नेता खुलकर कुछ कहने से बच रहे हैं। आईएमसी प्रवक्ता मुनीर इदरीशी से बात की तो उन्होंने बताया कि केस के अन्य आरोपी ने यह अर्जी दी थी जिस पर कोर्ट ने निर्णय लिया है। हाईकोर्ट के आदेश व जिला जज कोर्ट के फैसलों को लेकर उनके वकील कानूनी पक्ष देख रहे हैं। मौलाना तौकीर रजा खां कानून का सम्मान करते हैं। विधिवत जो सही होगा, वही किया जाएगा।