बरेली। करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले दो मास्टरमाइंड फरार हैं, जबकि प्रेमनगर पुलिस ने उनके दो गुर्गों को गिरफ्तार कर शनिवार को जेल भेज दिया। ट्रेडिंग में निवेश का झांसा देकर ठग कंपनी ने लोगों को करोड़ों का चूना लगाया था।
कर्मचारी नगर की अंबिका आवास कॉलोनी निवासी चांदनी आर्या पत्नी कपिल कुमार ने 19 जनवरी को प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि डेढ़ साल पहले शीशगढ़ अभूपुरा निवासी प्रवेश कुमार और रवि कुमार उनके पति के पास आए। दोनों ने बताया कि किला छावनी निवासी हेमा राजपूत और उसका पति शैलेंद्र सस्ती प्रापर्टी दिलवाते हैं जिससे काफी फायदा होगा। प्रवेश और रवि ने हेमा, शैलेंद्र, पीके वर्मा, भरत वर्मा व डॉक्टर मनीष से मिलवाया। शैलेंद्र के कुछ रिश्तेदार ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं। चांदनी ने रिश्तेदारों और पति के मित्रों से जुटाकर एक करोड़ 98 लाख की रकम हेमा, शैलेंद्र, प्रवेश और रवि को दी। इन लोगों ने 49 लाख 30 हजार रुपये वापस कर दिए। विश्वास बढ़ने पर सभी ने मिलकर ठगों को काफी रुपये दे दिए। आरोप है कि धोखे से कागज लेकर ठगों ने ट्रेडिंग खाते बना लिए। इसके बाद ठगों ने इनसे दूरी बना ली। रुपये मांगने पर धमकी देने लगे। प्रेमनगर पुलिस ने फरार चल रहे रवि और प्रवेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
तगड़े मुनाफे का देते थे झांसा
किला छावनी निवासी शैलेंद्र और डॉक्टर मनीष ने ट्रेडिंग में निवेश करने पर मोटा मुनाफा देने का झांसा देकर कई लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। शैलेंद्र रुपये निवेश करने और कराने वाले लोगों को बीस से तीस प्रतिशत तक कमीशन देता था। मोटा कमीशन मिलने की भनक लगी तो कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों और मित्रों के लाखों रुपये शैलेंद्र के पास निवेश करा दिए और कमीशन लेते रहे। कुछ लोगों ने डायरेक्ट भी शैलेंद्र के पास रुपये निवेश किए। शैलेंद्र के पास बड़ी रकम निवेश कराने वाले गुर्गों ने उससे कमीशन लेकर लाखों रुपये की संपत्ति भी बना ली। अब कार्रवाई शुरु होते ही गुर्गे संपत्ति बेचने में लगे हैं। जब शैलेंद्र के पास बड़ी रकम जमा हो गई तो जनवरी में वह फोन बंद कर अचानक गायब हो गया। शैलेंद्र की पत्नी हेमा ने किला थाने में 11 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए शिकायत भी की थी लेकिन शैलेंद्र का सुराग नहीं लगा। ब्यूरो