शिक्षा और रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा
अरुण गौतम ने कहा कि बरेली में मुद्दे ही मुद्दे हैं। बेरोजगारी बढ़ी है। विकास का काम नहीं हुआ है। आम जनता के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी भी परेशान हैं। एनकाउंटरों से लोगों को मुद्दों से भटकाया जा रहा है। रोजगारपरक शिक्षा दी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है। शिक्षा का बाजारीकरण हो गया है, जिससे शिक्षा महंगी हो गई है। बेरोजगारी में बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए। फीस और किताबें महंगी हो गई हैं। इस पर सरकार ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। जबकि शिक्षा और रोजगार बहुत बड़ा मुद्दा है। ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है।
अफसरशाही पर लगे लगाम
अशोक कुमार सिंह ने कहा कि बरेली में विकास बहुत कम हुआ है। उम्मीद है कि आने वाले समय विकास होगा। भ्रष्टाचार तो है, इसके खिलाफ आम आदमी को आगे बढ़ना होगा। कुछ जगह भ्रष्टाचार कम हुआ तो कई जगह बढ़ा है। एनकाउंटर से माफिया अपराधी डर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में माफियागीरी कम हुई है। कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। वहीं, सरकार का अफसरशाही पर नियंत्रण नहीं है। उस पर नियंत्रण की जरूरत है ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लग सके। सबको रोजगार मिलना चाहिए। बरेली में उद्योग लगाए जाने चाहिए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राकेश कुमार ने एनकाउंटर को सही ठहराते हुए कहा कि अपराधी के अंदर कानून का भय होना बहुत जरूरी है। रोजगार बड़ा मुद्दा बताया। कहा कि पढ़ाई आम आदमी के बस से बाहर हो गई है। बरेली को एम्स की जरूरत है। शहर का विकास तभी होता है, जब आम आदमी के पास पैसा होता है।
व्यापारियों ने सरकार के कार्यों को सराहा
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों से ही सबकुछ जुड़ा हुआ है। बरेली में विकास की कमी नहीं है। शहर का सौंदर्याकरण हुआ है। निजी स्कूली की मनमानी होती है, लेकिन शिक्षा में सुधार के लिए सरकार प्रयास कर रही है। उज्जवला और राशन वितरण योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की ओर से कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। पुल रोड बन रहे हैं। धीरे धीरे विकास हो रहा है और विकास होगा तो जनता को थोड़ी तो परेशानी होगी। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विकास अग्रवाल ने कहा कि इस चुनाव में कोई मुद्दा नहीं है। हर आदमी सिर्फ मोदी की तरफ देख रहा है। केवल योगी और मोदी के ऊपर चुनाव चल रहा है।
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