फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बरेली को लाइट मेट्रो की सौगात

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। शहर में लाइट मेट्रो का रूट क्या होगा और वह किन-किन इलाकों को कवर करेगी, यह तय करने की जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों की होगी। हालांकि बीडीए उद्यमियों-कारोबारियों और आम लोगों के बीच यह भी सर्वे करेगा कि मेट्रो शहर की जरूरत है या नहीं और उसे किन मार्गों से गुजरना चाहिए। शासन के निर्देशों के मुताबिक इस प्रस्ताव आगे बढ़ने के लिए बीडीए सप्ताह के अंदर पहली बैठक करेगा।
विज्ञापन

बेहतर नगरीय परिवहन की सुविधा के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने बरेली, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, झांसी और प्रयागराज समेत सूबे के छह शहरों में लाइट मेट्रो रेल शुरू करने की हरी झंडी दी है। बरेली में तैयारी शुरू करने की प्रक्रिया की अगुवाई बीडीए करेगा। यह तय करने की जिम्मेदारी सांसद, विधायक और मेयर की होगी कि मेट्रो का रूट क्या होगा और वह किन इलाकों से गुजरेगी। बीडीए एक सप्ताह के अंदर जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनके सुझावों पर आधारित रिपोर्ट शासन को भेजेगा। उसके बाद इस प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार होगी।
मेट्रो शहर की जरूरत है या नहीं और किन-किन मार्गों से गुजरनी चाहिए, इन बिंदुओं पर भी बीडीए सर्वे करेगा। इसके लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा जो उद्यमियों, कारोबारियों और आम लोगों से राय लेगी। रूटों का सर्वे कर ये सुझाव भी शासन को भेजे जाएंगे।
विज्ञापन

सड़कों के ऊपर से गुजरेगी मेट्रो
सबसे पहले शहर में मेट्रो प्रोजेक्ट की फिजिबिलिटी देखी जाएगी। माना जा रहा है कि यहां मेट्रो की जरूरत तो है लेकिन यह तय करना थोड़ा मुश्किल होगा कि उसे कहां-कहां से गुजारा जाए। बीडीए के अफसरों का कहना है कि जहां-जहां से सड़कें निकली हैं उन्हीं मार्गों से मेट्रो को गुजारा जाएगा। हालांकि सुझावों के मुताबिक भी काम होगा।
राइट्स एजेंसी यहां लांच कर सकती है मेट्रो
मेट्रो का पूरे देश में जहां-जहां संचालन हुआ है, उनमें अधिकांश जगहों का जिम्मा राइट्स एजेंसी को मिला है। यह सरकारी एजेंसी है। बीडीए के मुताबिक सुझावों को निष्कर्ष तक पहुंचाकर डीपीआर तैयार की जाएगी। इसके लिए संबंधित एजेंसी को भी बुलाया जाएगा। पूरा खाका तैयार करके शासन को भेजा जाएगा। राइट्स एजेंसी की मदद बीडीए भी ले सकता है।
ये हैं संभावनाएं
सूत्रों के मुताबिक तीन कोच की मेट्रो में 330 लोगों के बैठने की जगह होगी। एक कोच की लंबाई लगभग 35 मीटर होगी। मेट्रो की तरह लाइट मेट्रो ट्रेन में बैठने के लिए सीटें होंगी। बताया जाता है कि लाइट मेट्रो पहले चरण में लगभग सात से आठ किमी तक चलेगी। उसके बाद इसका दायरा बढ़ाया जाएगा।
यहां से हो सकता है लाइट मेट्रो का संचालन
- पहले चरण में लाइट मेट्रो का संचालन झुमका तिराहे से किला होते हुए रेलवे स्टेशन तक।
- दूसरे चरण में एयरफोर्स रोड को भी कवर किया जाएगा।
- तीसरा चरण दोहना स्टेशन से कुतुबखाना मार्ग होते हुए रेलवे स्टेशन तक जाएगा।
इन बिंदुओं पर भी होगा काम
- शहर की ट्रैफिक व्यवस्था का संचालन कैसे हो रहा है और आगे कैसे होगा
- यातायात किस क्षेत्र में सर्वाधिक है और उस यातायात का दूसरा विकल्प क्या हो सकता है।
- मेट्रो सड़कों के ऊपर बनाए गए पुल पर चलेगी या फिर अंडर ग्राउंड, यह भी देखा जाएगा।
राजेश ने लाइट मेट्रो को शामिल कराया था संकल्प पत्र में
इस बार विधानसभा चुनाव से पहले लाइट मेट्रो के प्रस्ताव को भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं पूर्व वित्त मंत्री राजेश अग्रवाल ने पार्टी के संकल्प पत्र में शामिल कराया था। कहा जा रहा है कि उनका इस प्रोजेक्ट की मंजूरी में बड़ा योगदान है।
डॉ. तोमर ने भी भेजा था प्रस्ताव, नहीं मिली मंजूरी
सपा के पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर ने भी अपने कार्यकाल में अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार को मेट्रो ट्रेन संचालन का प्रस्ताव भेजा था। यह प्रदेश सरकार के जरिए आगे बढ़ा लेकिन मंजूरी नहीं मिल पाई थी। डॉ. आईएस तोमर ने बताया कि लगभग 18 किमी ट्रेन का रास्ता तय किया गया था। शहर को मेट्रो की जरूरत है। यह प्रस्ताव धरातल पर उतारा जाना चाहिए। इस पर अधिकारी काम करें।
शासन के निर्देश के मुताबिक जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। उनके सुझावों के मुताबिक आगे काम होगा। लाइट मेट्रो ट्रेन की फिजिबिलिटी भी देखी जाएगी। उसके बाद डीपीआर तैयार करके शासन को भेजी जाएगी। - योगेंद्र कुमार, सचिव बीडीए
बरेली की जनता को लाइट मेट्रो का इंतजार था जो पूरा हुआ। इस प्रोजेक्ट को शासन से मंजूरी मिल गई है। अब प्रस्ताव को धरातल पर उतारा जाएगा, उसी के मुताबिक योजना बनाई जा रही है। - डॉ. अरुण कुमार, वन राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार
बरेली में लाइट मेट्रो की मंजूरी प्रदेश सरकार का सराहनीय कदम है। इस प्रस्ताव को धरातल पर उतारने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। शहर में लाइट मेट्रो का संचालन कराएंगे। - संतोष गंगवार, सांसद बरेली
मेरी ओर से बरेलीवासियों को इस प्रोजेक्ट के लिए बहुत-बहुत बधाई। उन लोगों ने मुझे इतने समय तक सेवा का अवसर दिया तभी मैं उनकी बात ऊपर तक पहुंचा पाया। - राजेश अग्रवाल, पूर्व वित्तमंत्री
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें