बरेली। थप्पड़ के जवाब में मां की हत्या कर देने के आरोपी साहूकारा के नीम की चढ़ाई इलाके में रहने वाले अमित रस्तोगी को अदालत ने उम्र कैद की सजा सुनाई। घटना तीन साल पहले हुई थी।
घटना की रिपोर्ट पुलिस को गुमराह करते हुए अमित रस्तोगी ने ही दर्ज कराई थी। उसने इसमें कहा था कि 31 अगस्त 2018 को वह अपने काम से बानखाना की शिव कुंज कॉलोनी गया था। शाम को साढे़ सात बजे लौटा तो उसके घर से धुआं निकल रहा था। पड़ोसी अमित अरोरा उर्फ सोनू की मदद से घर में सीढ़ी लगाकर वह अंदर घुसा और दरवाजा खोला तो घर में आग लगी हुई थी। उसकी मां शारदा आग की चपेट में आने के बाद अचेतावस्था में पड़ी हुई थीं। उनसे कुछ दूर उसकी बेटी भी अचेतावस्था में पड़ी थी।
अमित ने पुलिस को बताया था कि उसे शक है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोट पहुंचाने के बाद आग लगाकर उसकी मां की हत्या कर दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की तो पता चला कि शारदा की हत्या उनके बेटे अमित ने ही की थी। पुलिस ने अमित को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो उसने पूरा वाकया बता दिया।
अमित ने पुलिस को बताया कि उसका पत्नी से तलाक हो चुका है। उसकी चार साल की बेटी और मां उसके पास ही रहती थीं। उसकी मां ने अपने पैसों से घर में सबमर्सिबल पंप लगवाया था, बिजली का बिल भी चुकाया था। वह उन्हें पैसे नहीं लौटा पा रहा था। एक दिन पहले उसकी मां ने उसे उल्टा-सीधा कहा और चेतावनी दी कि अगर उनके पैसे नहीं देगा तो अपने रहने का अलग इंतजाम करना पड़ेगा।
बकौल अमित, 31 अगस्त को वह काम पर चला गया। दोपहर बाद लौटा तो मां ने फिर पैसे मांगे। उसने पैसे होने से इनकार किया तो गुस्से में उसकी मां ने भलाबुरा कहते हुए उसे दो थप्पड मार दिए। इस पर उसने गुस्से में लोहे का तवा उठाकर उनके सिर पर वार कर दिया। बाद में आग लगा दी। अदालत में विवेचक के बयान के बाद अभियोजन की ओर से सरकारी वकील सचिन जायसवाल ने आठ गवाह पेश किए। अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा ने अमित रस्तोगी को दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।