बरेली। लाल फाटक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का रेलवे को अपने हिस्से का काम नवंबर तक पूरा करना था। नवंबर तक काम पूरा करने के लिए रेलवे ने टाइम चार्ट भी तैयार किया था, लेकिन काम चार्ट के हिसाब से नहीं हो पा रहा है। अभी तक पिलर ही तैयार नहीं हो पाए हैं।
रेलवे जिस गति से काम कर रहा है, उससे दिसंबर में भी काम पूरा हो पाने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अभी तक रेलवे पिलर ही नहीं बना सका है। रेलवे को अपने हिस्से के छह पिलर तैयार करने हैं, लेकिन अभी दो पिलर ही बन सके हैं, जबकि रेलवे ने नवंबर तक काम पूरा होने का दावा किया था। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि अभी सिर्फ 45 फीसदी ही काम पूरा हो सका है। रेलवे अपने हिस्से का काम मार्च तक पूरा कर पाएगा।
सेतु निगम ने रोड के लिए रैंप बनाना किया शुरू
सेतु निगम ओवरब्रिज का बदायूं की ओर अपने हिस्से का 94 फीसदी काम पूरा कर चुका है। कैंट क्षेत्र में भी सेतु निगम ने अपने हिस्से के पिलर तैयार कर उन पर छत डाल दी है। अब ओवरब्रिज तक सड़क के लिए रैंप तैयार कर रहा है। इसके लिए रेलिंग लगा दी गई है और नींव तैयार की जा रही है। सेतु निगम के सीपीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि दिसंबर के अंत तक सेतु निगम अपने हिस्से का काम पूरा कर लेगा। रेलवे का काम पूरा होते ही पुल पर तारकोल की सड़क भी तैयार कर दी जाएगी।
खराब सर्विस रोड से लोग परेशान
लालफाटक ओवरब्रिज की सर्विस रोड क्रॉसिंग के दोनों ओर बदहाल है। फिलहाल इधर से वाहनों का प्रवेश बंद है। इसके बाद भी सर्विस रोड का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। सड़क पर बेशुमार गड्ढे हैं और धूल उड़ती रहती है। धूल से बचने के लिए दुकानदार दुकानाें के आगे पानी का छिड़काव करते रहते हैं।
रेलवे ने कहा था, नवंबर तक कर लेंगे काम पूरा
लालफाटक ओवरब्रिज के निर्माण के संबंध में रेलवे ने सितंबर में टाइम चार्ट बनाकर प्रशासन को सौंपा था। इसमें सारा काम नवंबर तक पूरा करने का दावा किया गया था। रेलवे ने काम को कई हिस्सों में बांटकर चार्ट तैयार किया था। चार्ट के मुताबिक, 30 सितंबर तक पिलर के सभी फाउंडेशन तैयार कर शटरिंग का काम शुरू करने की बात कही गई थी। 31 अक्तूबर तक सभी छह पिलर की शटरिंग और चार पिलर पूरी तरह से तैयार करने की बात कही गई थी। नवंबर में ही पांच और छह नंबर के पिलर तैयार करने का दावा किया गया था, लेकिन जब पिछले दिनों डीएम नितीश कुमार ने निरीक्षण किया था तो यहां काम काफी धीमी गति से होता मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई थी।
सांसद बोले- डीआरएम आएंगे निरीक्षण करने
सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने बताया कि लालफाटक ओवरब्रिज के काम में लेटलतीफी के संबंध में उनकी डीआरएम मुरादाबाद तरुण सिंघल से बात हुई है। वह अगले सप्ताह लालफाटक पर हो रहे काम का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। काम में लापरवाही मिली तो संबंधितों पर कार्रवाई भी करेंगे। सांसद ने कहा, डीआरएम के निरीक्षण के बाद भी यदि निर्माण की स्थिति ऐसी ही रही तो लापरवाही करने वाले अधिकारियों के संबंध में रेलवे मंत्री को अवगत कराएंगे।
रेलवे अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर निर्धारित समय में काम पूरा नहीं होगा तो उनके विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा जाएगा। - नितीश कुमार, डीएम