हौसले बुलंद और इरादा पक्का हो तो मंजिल मिल ही जाती है। छेड़छाड़ का विरोध करने पर शोहदों द्वारा ट्रेन के आगे फेंक देने पर अपने दोनों पैर, एक हाथ गवां देने वाली इंटर की एक छात्रा ने भी कर दिखाया।
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हाथ-पैर से दिव्यांगता के बावजूद इंटर की विज्ञान वर्ग से परीक्षा दी। परीक्षा 63.6 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण कर अभिभावकों का मान बढ़ाया है। बता दें कि बीते वर्ष अक्तूबर में सीबीगंज से कोचिंग पढ़कर घर जा रही एक छात्रा को रास्ते में रोक कर शोहदे ने छेड़छाड़ की। विरोध पर छात्रा को ट्रेन के आगे फेंक दिया था। छात्रा के दोनों पैर, एक हाथ कट गया था। पर छात्रा ने हार नहीं मानी। जख्म सही होने पर बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुट गई। परीक्षा दी और प्रथम श्रेणी में परीक्षा भी पास कर ली।