फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: बरेली में दरोगा के बेटे ने साइबर थाना प्रभारी के बेटे पर किया जानलेवा हमला, 15 आरोपियों पर रिपोर्ट

Tue, 19 Sep 2023 10:29 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

पुलिस मॉडर्न स्कूल में पढ़ने वाले एक छात्र ने अपने साथियों को साथ लेकर दूसरे छात्र पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी छात्र दरोगा का बेटा है, जबकि पीड़ित भी इंस्पेक्टर का बेटा है। पीड़ित की ओर से नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 
विज्ञापन
कोतवाली बरेली
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली के पुलिस मॉडर्न स्कूल में पढ़ाई कर रहे पुलिसकर्मियों के बच्चों में गुटबाजी की वजह से गैंगवार जैसी वारदात हो गई। दरोगा के बेटे ने साथियों के साथ मिलकर स्कूल के हेड बॉय साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर के बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

विज्ञापन


मंडलीय साइबर क्राइम थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल कुमार यादव का बेटा सूर्यांश यादव चौपुला स्थित पुलिस मॉडर्न स्कूल में इंटर का छात्र है। सूर्यांश पहले क्लास का मॉनिटर था, अब वह स्कूल का हेड बॉय है। पिछले साल सूर्यांश को स्कूल की तरफ से नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। 

पहले भी की हुई थी मारपीट 

इसको लेकर सूर्यांश का साथी छात्र प्रशांत उर्फ नमन से विवाद हो गया था। प्रशांत ने दोस्त अविरल की मदद से सूर्यांश के साथ मारपीट कर दी थी। पुलिस से इसकी शिकायत की गई थी। दरोगा जितेंद्र जांच कर रहे थे, लेकिन अविरल के पिता दरोगा भूरी सिंह की मध्यस्थता से समझौता हो गया था।

ये भी पढ़ें- बरेली: जेल के बंदी के साथ होटल में की शराब पार्टी, एसएसपी ने तीन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन

शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी के बाद अविरल और कक्षा 11 के छात्र प्रयांश तिवारी ने बाहरी लड़कों को बुलाकर सूर्यांश पर जानलेवा हमला कर दिया। मौके पर अध्यापक और छात्र पहुंचे तो हमलावर फरार हो गए।

सूर्यांश के साथ तुषार भी घायल हो गया। दरोगा अनिल यादव की शिकायत पर कोतवाली में अविरल, प्रशांत उर्फ नमन, प्रयांश तिवारी और 12 से अधिक अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

साल भर से चल रही थी गुटबाजी, कई बार घेरा

इंस्पेक्टर अनिल यादव ने रिपोर्ट में जिक्र किया है कि उनके बेटे को साल भर से अविरल व उसके साथियों ने निशाने पर ले रखा था। वह कई बार उसे घेर चुके थे। अक्सर स्कूल के शिक्षक व दूसरे छात्र बीच में आ जाते थे और सूर्यांश बच जाता था। कई बार स्कूल के प्रधानाचार्य ने भी शरारती लड़कों को समझाने की कोशिश की पर वे नहीं माने।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें