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गणेश चतुर्थी 2023: घर-घर विराजेंगे गणपति बप्पा, नोट कर लें मूर्ति स्थापना का समय, अभिजीत मुहूर्त रहेगा शुभ

Mon, 18 Sep 2023 09:26 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

हिंदू मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश का जन्मदिन धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार मंगलवार को अमृत योग के बीच उड़िया तिथि के अनुसार चतुर्थी तिथि में भगवान गणेश की विधिवत स्थापना की जाएगी। 
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Ganesh Chaturthi 2023 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भगवान गणेश सभी देवों में सबसे पहले पूजे जाने वाले भगवान हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश जी का जन्म दिन धूमधाम से मनाया जाता है। इस बार मंगलवार को अमृत योग के बीच उड़िया तिथि के अनुसार चतुर्थी तिथि में भगवान गणेश की विधिवत स्थापना की जाएगी। 

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ज्योतिषाचार्य पंडित मुकेश मिश्रा के अनुसार इस बार स्वाति नक्षत्र, वैधृति योग, विश्वकुंभ करण और तुला राशि के चंद्रमा का शुभ संयोग बन रहा है। जिस कारण यह दिन और भी ज्यादा मंगलकारी हो जाता है। 

19 सितंबर को प्रातः 9:03 से मध्यान्ह 1:37 तक चार लाभ अमृत का चौघड़िया रहेगा, जो की स्थापना के लिए सुख समृद्धि प्रदान करेगा। इस बीच पूर्वान्ह 11:36 से मध्यान्ह 12:24 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में मूर्ति की स्थापना बहुत ही शुभ रहेगी।

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इसलिए की जाती है भगवान गणेश की पूजा

भगवान गणेश बुद्धि के दाता हैं। भौतिकी, गणित, ज्योतिष लेखा अकाउंट आदि के कारक भगवान गणेश माने जाते हैं। भगवान गणेश बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं। भगवान गणेश की पूजा से सभी बाधा दूर हो जाती है। इसलिए पूरे उत्साह और उमंग के साथ लोग गणपति की पूजा करते हैं।
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गणेश चतुर्थी की पूजा विधि

चौकी पर पीले रंग की चादर या कपड़ा बिछाकर बप्पा की मूर्ति को रखें। उनका गंगाजल से अभिषेक करें। फिर वस्त्र, फूल, माला, जनेऊ आदि से उनको सुशोभित करें। 

उसके बाद अक्षत, हल्दी, पान का पत्ता, सुपारी, चंदन, धूप, दीप, नारियल आदि से पूजा करें। बप्पा को दूर्वा अर्पित करें। मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। इस दौरान ओम गं गणपतये नमो नम: मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।
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