बरेली। जिले के कोरोना मुक्त घोषित होने की उम्मीद अब टूटती दिखाई दे रही है। हर दिन संक्रमित मिलने से तीसरी लहर के हावी होने की आशंका मंडराने लगी है। स्वास्थ्य विभाग की सर्विलांस रिपोर्ट के मुताबिक, बाहर से आने वाले लोगों के संक्रमित मिलने से संक्रमण का दायरा थम नहीं रहा है। अफसरों ने लोगों से एहतियात बरतने और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की अपील की है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर गौर करें तो अगस्त के शुरुआत में एक-दो केस ही मिले थे। तीन अगस्त से 12 अगस्त तक जिले में हर दिन हुई करीब पांच हजार सैंपल की जांच में एक भी पॉजिटिव केस नहीं मिला था। इसके चलते सक्रिय संक्रमितों की तादाद भी घटी और जिले में सिर्फ दो सक्रिय संक्रमित रह गए। शहर के प्रमुख चिकित्सक के मुताबिक, लगातार कम हो रही सक्रिय संक्रमितों की तादाद ने बरेली वालों को भी कोरोना के खौफ से मुक्त कर दिया। इसकी वजह से संवेदनशील राज्यों और जिलों में आवाजाही बढ़ गई। वहां से लोग बरेली आने लगे। ये जांच में संक्रमित मिल रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के पहले सप्ताह तक थमी रही संक्रमण की रफ्तार अब बढ़ने लगी। जिले में 13 सितंबर को दो, 15 को दो, 18 को दो, 19 को एक, 21 को एक, 22 को एक, 24 को एक, 26 को दो और 27 को दो लोग कोरोना संक्रमित मिले। हालांकि, इसी दौरान कई संक्रमित स्वस्थ हुए। दस दिनों में दस संक्रमित मिलने पर विशेषज्ञ लोगों के कोरोना से बचाव में ढिलाई बरतने से तीसरी लहर की आशंका जता रहे हैं। यह लापरवाही बेहद घातक हो सकती है।
कोरोना की तीसरी लहर होगी बेहद घातक
माइक्रोबायोलॉजिस्ट डॉ. राहुल गोयल के मुताबिक कोरोना संक्रमण की पहली लहर में वायरस की संक्र ामक क्षमता कम रही, जबकि दूसरी लहर में कोरोना के स्वरूप परिवर्तन के बाद बने डेल्टा वैरिएंट की संक्रामकता बहुत ज्यादा दर्ज की गई। एक व्यक्ति कुछ ही देर में समूह को संक्रमित कर रहा था। तीसरी लहर के जिम्मेदार डेल्टा प्लस वैरिएंट को और भी घातक बताया जा रहा है। लोगों को बेहद सावधान रहना होगा।
संक्रमण के लक्षण हैं तो तत्काल कराएं जांच
जिला सर्विलांस अधिकारी एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने लोगों से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने लोगों से मास्क लगाने और सामाजिक दूरी के नियम के पालन की अपील की है। कहा, कई राज्यों में संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। बरेली में भी संक्रमण के मामले अभी थमे नहीं है। इसलिए संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करें और टीका जरूर लगवाएं।