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पत्नी से परेशान पति: शिकायत लेकर पहुंचा पुलिस के पास, बोला- वो 'तीन शब्द' बोलने के लिए बना रही दबाव

Tue, 21 Feb 2023 12:32 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के सदर तहसील में सोमवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक युवक अपनी पत्नी के खिलाफ अजब शिकायत लेकर पहुंचा। उसने पत्नी पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र सौंपा है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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बरेली में पति-पत्नी के विवाद का अजब मामला सामने आया है। एक युवक अपनी पत्नी से परेशान है। उसने पत्नी पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायती पत्र दिया है। युवक का आरोप है कि पत्नी उस पर तीन तलाक बोलने के लिए दबाव बना रही है। इसके पीछे उसकी साजिश है।  

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इज्जतनगर क्षेत्र के परतापुर चौधरी निवासी इरशाद सोमवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा। उसने शिकायती पत्र देकर कहा कि पत्नी मानसिक और शारीरिक तौर पर उसका उत्पीड़न कर रही है। इसमें बेटा भी शामिल है। इससे निजात दिलाने के लिए पिछले साल डीएम को ज्ञापन सौंपा था। 

इरशाद का कहना है कि दो दिन पहले थाने में पत्नी ने उसके खिलाफ फर्जी शिकायत की। आरोप है कि पत्नी उसे जेल भिजवाने के लिए उत्पीड़न कर रही है। वह चाहती है कि मैं उसे तीन तलाक बोल दूं, जिससे वह मुझे फंसा सके। इरशाद की शिकायत पर थाना इंचार्ज को जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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समाधान दिवस में 11 फरियादी पहुंचे

सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में 11 फरियादी पहुंचे। दो शिकायतों का मौके पर निस्तारण हुआ, शेष संबंधित विभागों को भेजकर 15 दिन में समाधान कराने को कहा गया है। जाटवपुरा होली चौक निवासी सतपाल सिंह ने अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि नगरीय विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधीन अवर अभियंता को जनसंपर्क में कोई रुचि नहीं है। वह न तो फोन उठाते हैं, न ही कार्यालय में मिलते हैं। 

उन्होंने संबंधित अवर अभियंता को प्रतिदिन 10-12 बजे तक कार्यालय में मौजूद रहने का निर्देश देने और प्रकरण की जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की। एडीएम सिटी डॉ. आरडी पांडेय ने एक्सईएन से जांच रिपोर्ट तलब की है।

भोजीपुरा ब्लॉक के घंघोरा पिपरिया के प्रधान नरेंद्र कुमार ने बताया कि साल भर पहले उन्होंने कोटेदार के खिलाफ शिकायत की थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर कोटा निलंबित हो गया था, लेकिन अफसरों की मिलीभगत से उसने कोटा बहाल करा लिया। उन्होंने मामले की जांच कराकर पूर्ति निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने और आरोपों की पुष्टि होने पर कोटा निलंबित कर विधिक कार्रवाई किए जाने की मांग की।
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