शाहजहांपुर। दूसरे राज्यों व शहरों में रहकर नौकरी करने वाले लोग के होली का त्योहार मनाने के लिए अपने घरों को आ-जा रहे हैं। इसकी वजह ट्रेट और बसों में सीट नहीं मिल रही हैं। मजबूरन यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को सुबह से ही ट्रेनें व बसें खचाखच भरकर चली।
होली मनाने के लिए अपने घर आने व जाने के लिए बृहस्पतिवर को बसों व ट्रेनों में लोग मशक्कत करते दिखे।
बस में चढ़े, सीट खाली न मिलने पर खड़े होकर सफर किया। सबसे ज्यादा भीड़ दिल्ली व उत्तराखंड से आने वाली बसों में देखी गई। वाल्वो, एसी व जनरथ बसों के लिए टिकट बुकिंग तो पहले ही फुल थी। यात्रियों को संख्या को ध्यान में रखकर रोडवेज ने अतिरिक्त बसें चलाने के साथ ही लोकल रूट पर फेरे भी बढ़ाए हैं। यही हाल रेलवे स्टेशन पर भी देखने को मिला। ट्रेन में पैर रखने तक की जगह नहीं रही।
बरेली-बनारस एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस, सत्याग्रह एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, गुवाहटी एक्सप्रेस समेत सभी मेल व एक्सप्रेस फुल होकर चलीं। जबकि रेलवे की ओर से स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, अतिरिक्त कोच भी लगाए गए हैं, लेकिन ये प्रयास भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
डग्गामार वाहनों
ने काटी चांदी
होली पर बसें व ट्रेनें कम पड़ जाने का फायदा डग्गामार वाहनों की जमकर उठाया। मैजिक, टेंपो व प्राइवेट बस वालों ने यात्रियों मनमाना किराया वसूल किया। 30 रुपये किराये वाले सफर के डग्गामार वाहन चालकों ने 40 रुपये तक वसूले गए। मजबूरी में यात्रियों को इन वाहनों की मनमानी सहन करनी पड़ी। सुबह से रात तक डग्गामार वाहन दौड़ते रहे, पर किसी जिम्मेदार सरकारी महकमे ने इन्हें पकड़ने की जहमत नहीं उठाई।
शाहजहांपुर में बस पर सवार होने के लिए दौड़ते यात्री- फोटो : SHAHJAHANPUR