बरेली। हॉलमार्किंग यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर (एचयूआईडी) की अनिवार्यता के विरोध में सराफा कारोबारियों ने सोमवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। हालांकि दोपहर बाद कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोल लिए। हड़ताल के चलते जिले में 20 करोड़ से अधिक का सराफा कारोबार प्रभावित हुआ।
देशव्यापी बंदी के आह्वान पर जिले में सोमवार को सभी सराफा प्रतिष्ठानों पर ताले लटके रखे। एचयूआईडी का प्रावधान वापस लेने की मांग को लेकर जुटे व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आलमगीरीगंज में प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने कहा कि उन्हें हालमार्किंग की अनिवार्यता से तो कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन हालमार्क ज्वेलरी पर यूनिक आईडेंटिफिकेशन नंबर का प्रावधान स्वीकार नहीं है। एचयूआईडी कोड की मुहर के बाद अगर सोने में खोट होगी तो रिटेलर सराफा कारोबारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। एचयूआईडी लागू होने के बाद दो ग्राम से अधिक वजनी सोने के गहनों का पूरा विवरण रखना होगा। सोना कहां से आया, किस कारीगर ने बनाया, किस ग्राहक को बेचा गया, इसका पूरा रिकॉर्ड मेंटेन करना होगा। एचयूआईडी के प्रावधान के बाद तमाम और तरह की कागजी कार्यवाही भी करनी पड़ेगी। इन सब अड़चनों के चलते कारोबार करना मुश्किल होगा। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि अगर सरकार एचयूआईडी की अनिवार्यता का फैसला वापस नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में बेमियादी बंदी की जाएगी।
दोपहर बाद खुल गए कुछ प्रतिष्ठान
एचयूआईडी के विरोध में हड़ताल के चलते शहर के अधिकांश सराफा कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। हालांकि बड़े कारोबारियों ने हड़ताल को अपना समर्थन नहीं दिया। बंद को समर्थन देने के बावजूद दोपहर बाद साहूकारा, आलमगीरीगंज समेत अन्य बाजारों में भी कुछ छोटे व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान खोल लिए।
हॉलमार्किग से हमें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन एचयूआईडी बहुत ज्यादा जटिल है। इसकी अनिवार्यता से कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए। - रामकुमार अग्रवाल, अध्यक्ष बरेली सराफा एसोसिएशन
एचयूआईडी लागू होने से सराफा कारोबार ठप होने की आशंका है। एचयूआईडी में कई तरह की कागजी कार्यवाही की अनिवार्यता के चलते कारोबारियों के सामने तमाम परेशानियां आएंगी। कारोबार करना मुश्किल हो जाएगा। - सुगंध रस्तोगी
एचयूआईडी में मामूली गलती पर भी आपराधिक धाराओं में केस दर्ज करने का प्रावधान है। इसके चलते कानून का बेजा इस्तेमाल कर कारोबारियों का शोषण होने की आशंका है। सरकार को यह फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए। - दिलीप कुमार रस्तोगी
कोरोना संक्रमण के चलते पहले से ही कारोबार मंदा है। एचयूआईडी की अनिवार्यता के बाद कारोबार में और जटिलताएं आएंगी। व्यापारियों के हित में सरकार को यह फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए। - सुनील रस्तोगी
हॉलमार्किंग की अनिवार्यता का व्यापारियों ने समर्थन किया था, मगर एचयूआईडी बेहद पेचीदा प्रक्रिया है। एचयूआईडी की अनिवार्यता के बाद कागजी कार्रवाई की जटिलता के चलते कारोबार करना संभव नहीं होगा। - मनोज कुमार
एचयूआईडी पूरी तरह से अव्यावहारिक है। इससे आने वाले दिनों में कारोबारियों की मुश्किलें बहुत बढ़ जाएंगी। दो ग्राम से अधिक के सोने के सभी आभूषणों का ब्योरा रखना संभव ही नहीं है। - आशुतोष टंडन
एचयूआईडी की अनिवार्यता का फैसला सरकार ने बिना विचार-विमर्श के किया है। फैसले से कारोबारियों के सामने जटिलताएं आएंगी। कारोबार प्रभावित होने से आम लोगों को भी परेशानी होगी। - कन्हैया रस्तोगी
कोरोना संक्रमण के चलते छाई मंदी की वजह से कारोबार कठिनाई के दौर से गुजर रहा है। जटिल एचयूआईडी के चलते व्यापार और मुश्किल होगा। व्यापारियों के हित में सरकार को यह फैसला वापस लेना चाहिए। - राज गौरव
हर जेवर को यूनिक आईडी नंबर देना संभव नहीं है। सरकार का यह फैसला पूरी तरह से अव्याहारिक है। एचयूआईडी का फैसला सराफा कारोबार को खत्म करने वाला है। - सुनील वर्मा
चार अंकों के हालमार्क के तहत अपने पुराने स्टॉक की घोषणा करने समेत एचयूआईडी में कई अव्यावहारिक नियम हैं। जरा सी गड़बड़ी पर इसमें व्यापारी पर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का भी प्रावधान है। इस कानून की आड़ में व्यापारियों का शोषण होगा। - अमित अग्रवाल