हाफिजगंज। छह महीने से लापता इज्जतनगर क्षेत्र की युवती को ढूंढने पुलिस के साथ गए उसके 50 वर्षीय पिता की मेरठ के मोदीपुरम इलाके में दरोगा सुनील मिठलिया के घर की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। देर रात उनका शव गांव पहुंचा तो परिवार वालों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए उन्होंने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि लड़की के पिता ने अवसाद के चलते छत से कूदकर खुदकुशी कर ली है।
थाना इज्जतनगर क्षेत्र के गांव में रहने वाले किसान की 28 वर्षीय बेटी बरेली कॉलेज की छात्रा थी। 25 फरवरी की सुबह करीब तीन बजे युवती घर से ही लापता हो गई। परिवार वालों ने उसे तलाश किया लेकिन कुछ पता न लगने पर थाना इज्जतनगर में गुमशुदगी दर्ज करा दी। युवती की मां ने आरोप लगाया कि बेटी को तलाशने के लिए उनके पति अहलादपुर चौकी और थाना इज्जतनगर के लगातार चक्कर लगा रहे थे। उन लोगों को पता लगा कि उनकी बेटी को एक युवक लेकर गया है तो पुलिस को उसकी भी जानकारी दी गई। मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह इज्जतनगर पुलिस ने उन्हें बताया कि बेटी की लोकेशन बुलंदशहर में मिली है। इस पर उनके पति गांव से ही कार किराये पर लेकर इज्जतनगर थाने की अहलादपुर चौकी पर तैनात दरोगा सुनील मिठलिया के साथ बुलंदशहर पहुंचे। मगर बेटी नहीं मिली तो दरोगा सुनील मिठलिया उनके पति और ड्राइवर को लेकर मेरठ के मोदीपुरम में एकतानगर कॉलोनी की गली नंबर नौ में स्थित अपने घर चले गए। उनके पति और ड्राइवर तीसरी मंजिल पर खुले में सोए जबकि दरोगा अपने घर के अंदर लेटे थे। बृहस्पतिवार सुबह उनके पति का खून से लथपथ शव दरोगा के घर के पास जमीन पर मिला। उन लोगों को सूचना दी गई कि उन्होंने छत से कूदकर खुदकुशी कर ली है।
देर रात गांव पहुंचा शव तो हुआ हंगामा
मेरठ में ही पोस्टमार्टम कराने के बाद रात करीब 11 बजे इज्जतनगर पुलिस युवती के पिता का शव लेकर गांव पहुंची। पुलिस ने रात में ही अंतिम संस्कार कराने की बात कही तो परिवार वाले आक्रोशित हो गए। वे लोग पुलिस पर हत्या करने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। सूचना पर इज्जतनगर इंस्पेक्टर सतीश कुमार और फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। आसपास के कई अन्य थानों का फोर्स भी गांव पहुंच गया।
दोबारा पोस्टमार्टम की मांग, एक
लाख रुपये गायब करने का आरोप
पुलिस की कार्यशैली को लेकर आक्रोशित लड़की के परिवार वालों ने गांव में जमकर हंगामा किया। उन लोगों ने कहा कि पुलिस उनकी बेटी की बरामदगी को लेकर शुरू से ही गंभीर नहीं रही। लड़की की मां ने आरोप लगाया कि उनके पति दरोगा के कहने पर घर से एक लाख रुपये अपने साथ लेकर गए थे। पुलिस ने उनकी हत्या करके यह रुपये भी गायब कर दिए गए हैं। उन्होंने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से भी इनकार कर दिया। इसके चलते देर रात तक गांव में पुलिस तैनात रही।
पुलिस पर किराये के रुपये भी लेने का आरोप
युवती के मौसेरे भाई ने कहा कि पुलिस उनकी मदद करने के बजाय आरोपी का पक्ष ले रही थी। उसने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष से पुलिस ने रुपये ले लिए। बुधवार को जब बुलंदशहर जाने की बात आई तो उसके मौसा ने ही गांव के व्यक्ति से तीन हजार रुपये में गाड़ी किराये पर की। यह रुपये भी उन्होंने खुद ही दिए।
दरोगा ने कहा, रात 12 बजे तक सब ठीक था
दरोगा सुनील मिठलिया ने कहना है कि लड़की के पिता और ड्राइवर छत की तीसरी मंजिल पर सोए थे। बुधवार रात 12 बजे वह खुद ही छत पर उन्हें पानी और चादर देने गए थे। उस समय सब ठीक था। उन्होंने बताया कि छत की बाउंड्री करीब पांच फुट ऊंची है और खुद गिरने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है। बृहस्पतिवार सुबह करीब छह बजे वह उठे और छत पर पहुंचे लेकिन लड़की के पिता नहीं मिले। नीचे पहुंचे तो वहां पीआरवी खड़ी थी और लड़की के पिता का शव जमीन पर पड़ा था। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
लड़की की बरामदगी के लिए उसके पिता दरोगा के साथ गए थे। रात में ठहरने के निए उन्हें कहीं भटकना न पड़े इसलिए दरोगा ने अपने घर में ही रोक लिया। वहीं पर रात में उन्होंने छत से कूदकर खुदकुशी कर ली।
- सतीश कुमार, इंस्पेक्टर इज्जतनगर