बंद पॉलिसी चालू कराने के नाम पर 19 लाख हड़पे
डेलापीर निवासी शख्स की बंद बीमा पॉलिसी चालू कराने के नाम पर साइबर ठगों ने उन्हें भरोसे में लिया। बाद में कहा गया कि कंपनी का आईपीओ आने वाला है। तीन महीने में ही निवेश की गई रकम दोगुनी हो जाएगी। इस तरह लालच देकर उनके साथ ठगी की जाती रही। 19 लाख रुपये ठगे जाने के बाद उनको इसका एहसास हुआ।
उन्होंने 19 फरवरी को चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई। साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में जानकारी जुटाई तो पता लगा कि दिल्ली में बैठकर ठगी की जा रही थी। आगरा निवासी आरोपी शिवम को गिरफ्तार किया गया तो पता लगा कि उसके नाम से 11 खाते चल रहे थे।
महिला के 53 लाख रुपये ठगे
दो महीने पहले ही शहर निवासी एक महिला ने 53 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाकर साइबर थाने में रिपोर्ट कराई थी। महिला भी इसी तरह के गिरोह के शिकंजे में फंस गई थी। पॉलिसी नवीनीकरण के साथ ही नई आकर्षक पॉलिसी महिला को समझाई गई, जिसमें तत्काल ही शानदार रिटर्न था। महिला को जब ठगी का एहसास हुआ, तब तक देर हो चुकी थी। इस मामले में भी विवेचना चल रही है।
बरतें ये सावधानी
- किसी को आधार कार्ड या पैन कार्ड न भेजें।
- किसी नए लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी आकर्षक प्लान, ऑफर या इनाम के झांसे में न आएं।
- किसी को ओटीपी न बताएं, बैंक संबंधी डिटेल न दें।
- रात में सोते वक्त मोबाइल फोन पर इंटरनेट बंद रखें।
- ठगी होते ही टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।
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cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- सोशल मीडिया अकाउंट पर प्राइवेसी लगाकर रखें।
एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि बीमा पॉलिसी नवीनीकरण या किसी ऑफर का लालच देकर ठगी के मामले बढ़े हैं। लोगों को इस बारे में सावधानी बरतनी चाहिए। ये भी संभव है कि बीमा कंपनी का ही स्टाफ कुछ मामलों में डाटा लीक करता हो। पुलिस हर संभावित पहलू पर जांच कर रही है।