शक होने चीता मोबाइल के सिपाहियों ने पूछताछ के बाद किया गिरफ्तार
आंवला (बरेली)। घर के बाहर बैंड-बजाने पर जश्न मनाने के बीच सेंधा में रहने वाला बंटी आंवला के मोहल्ला पट्टी से पांच साल के रियांश का अपहरण कर ले गया। बच्चा गायब होने का शोर मचा तो पूरे जिले में उसकी खोजबीन शुरू करा दी गई और सेटेलाइट पर चीता मोबाइल के सिपाहियों ने आरोपी को गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद कर लिया।
आंवला के मोहल्ला टांडा में रहने वाले सनी की पत्नी पिंकी को शनिवार को बेटा हुआ है। सोमवार सुबह करीब आठ बजे बैंड बजाकर बधाई मांगने वाले तीन लोग उनके घर पहुंचे और उन्होंने गाना-बजाना शुरू कर दिया। सनी का बड़ा बेटा पांच वर्षीय रियांश भी गली में ही खड़ा था। परिवार के सभी लोग उसमें व्यस्त हो गए और इसी बीच रियांश वहां से गायब हो गया। कुछ देर बाद परिवार वालों को रियांश के गायब होने की बात पता चली तो सब परेशान हो गए। पिता सनी, बाबा वीरेश समेत अन्य परिवार वाले और रिश्तेदारों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। मगर कहीं कुछ पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई।
वायरलेस पर मेसेज, व्हाट्सएप ग्रुप में फोटो
पुलिस ने रियांश की गुमशुदगी दर्ज कर तत्काल पूरे जिले में उसकी गुमशुदगी का मेसेज वायरलेस के जरिये प्रसारित किया। साथ ही पुलिस समेत अन्य तमाम व्हाट्सएप ग्रुपों में उसकी फोटो वायरल कर तलाश शुरू कर दी। सीओ चमन सिंह चावड़ा ने बच्चे की तलाश में आंवला के साथ ही भमोरा, अलीगंज और विशारतगंज की पुलिस को भी लगा दिया। इसी बीच अपराह्न करीब 11.20 बजे थाना बारादरी की सेटेलाइट पर तैनात चीता मोबाइल के सिपाही शमशाद और सत्येंद्र सिंह ने एक व्यक्ति को एक बच्चे को जबरन ले जाते देखा। बच्चे को रोते देख उन्होंने उसे रोक लिया और पूछताछ की तो वह बच्चे को अपना रिश्तेदार बताने लगा। सिपाहियों ने फौरन ही इंस्पेक्टर बारादरी नीरज मलिक को सूचना दी। साथ ही बच्चे का फोटो खींचकर उन्हें व्हाट्सएप पर भेजा, जिससे पता चल गया कि वह रियांश ही था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम बंटी और खुद को आंवला के सेंधा गांव का निवासी बताया। बारादरी पुलिस की सूचना पर कुछ ही देर में बच्चे के परिजन और आंवला थाने के इंस्पेक्टर क्राइम वेदप्रकाश गुप्ता पहुंच गए।
दस का नोट दिखाया, फिर लड्डू खिलाकर बहलाया
थाने में जब परिवार वालों ने रियांश से बात की तो उसने बताया कि आरोपी ने उसे दस का नोट देकर अपने पास बुलाया और फिर चीज खिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गया। उसने उसको बेसन के लड्डू भी खिलाए। पहले वह उसे ऑटो से ले गया और फिर बस में बैठाकर बरेली ले आया। यहां से दोबारा बस में बैठाने लगा तो वह रोने लगा, जिसके बाद पुलिस आ गई।
पुलिस को सुनाई मनगढंत कहानी, हो रही पूछताछ
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बंटी से पूछताछ की तो वह नशे में था और मनगढ़ंत कहानी सुना दी। बंटी ने बताया कि बच्चा रो रहा था और बैंड वालों के पीछे गली से बाहर आ गया तो उसने दस रुपये देकर चुप कराया। वह उसे लेकर घूमता रहा कि किसका बच्चा है, कोई नहीं मिला तो बस में अपने साथ बैठा लिया। उसे अपने घर के पास सेंधा में बस से उतरना था लेकिन नशे के कारण वह सो गया और बरेली पहुंच गया। मगर सेटेलाइट पर बच्चे को लेकर पहुंचने और उसे दोबारा बस में बैठाने का कारण वह नहीं बता सका। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।