इन जानवरों पर शोध के लिए बन चुके हैं केंद्र
वैज्ञानिकों के अनुसार देश में कुत्तों के अलावा अन्य पशुओं पर शोध के लिए करीब दो दर्जन से ज्यादा केंद्र बने हैं। इनमें ऊंट पर शोध के लिए बीकानेर में, घोड़े पर हिसार में, बकरी पर शोध के लिए मथुरा में बने राष्ट्रीय केंद्र प्रमुख हैं।
ताकि कुत्ते की आंतरिक संरचना की मिले जानकारी
कैनाइन सेंटर के साथ ही, वर्चुअल डॉग एनॉटोमी का भी प्रस्ताव तैयार है। इससे विद्यार्थियों को शोध के दौरान प्रायोगिक जानकारी मिल सकेगी। इस पर करीब दो करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सेंटर में कुत्तों पर शोध समेत कैंसर के उपचार में लाभदायक रेडियोथेरेपी, सीटी स्कैन, हाईटेक पैथोलॉजी, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, ट्यूमर के लिए विशेष सुविधाएं मिलेंगी।
भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर कैनाइन प्रोजेक्ट को आईसीएआर से स्वीकृति मिल चुकी है। कुत्तों को बीमारियों से निजात दिलाने के लिए वैज्ञानिकों की ओर से कई अहम तकनीक खोजी जा चुकी है। सेंटर बनने से शोध का विस्तार होगा।