बाढ़ में फसल तबाह होने और मजदूरी न मिलने से था परेशान
गंभीर हालत में पत्नी को निजी अस्पताल में कराया गया है भर्ती
सिरौली। आर्थिक तंगी से जूझ रहे बसंतपुर गांव में रहने वाले किसान बाबूराम ने बृहस्पतिवार रात ईंट से सिर कुचल कर घर में सो रही पत्नी सीता की हत्या करने की कोशिश की। मां की चीखपुकार सुनकर दोनों बच्चे जागे तो उनकी भी पिटाई की। घर में मची चीखपुकार सुनकर पड़ोस में रहने वाले उसके भाई सूरजपाल, नन्हे और नरेश पहुंचे तो पत्नी का मरा समझाकर बाबूराम भाग गया। इसके बाद पड़ोसी गांव मुगलपुरा में पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। उसकी पत्नी को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बसंतपुर गांव में रहने वाले बाबूराम के पास चार बीघा जमीन थी, जिसमें उसने उड़द की फसल की थी, लेकिन पिछले दिनों आई बाढ़ में सारी फसल तबाह हो गई, इससे परिवार पर आर्थिक संकट आ गया। बाबूराम को कई दिनों से मजदूरी भी नहीं मिल पा रही थी। घर का खर्च नहीं चल पाने की वजह से पति-पत्नी में विवाद होना लगा, इससे बाबूराम परेशान रहने लगा।
बृहस्पतिवार रात पत्नी बच्चे खाने खाने के बाद सो गए तो उसने ईंट से हमला कर पत्नी सीता का सिर कुचल दिया। मां की चीख सुन छोटे-छोटे दोनों बच्चे जाग गए और उन्होंने शोर मचाना शुरू कर दिया। इस पर उसने बच्चों की भी पिटाई की। शोर सुनकर उसके तीनों भाई और आसपास के लोग पहुंचे तो वह पत्नी को मरा समझाकर घर से भाग गया। उसके भाइयों ने घायल सीता को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बाबूराम की भी तलाश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। सुबह मुगलपुरा गांव के ग्रामीण खेतों की तरफ टहलने निकले तो उन्होंने एक बाग में यूकेलिप्टस से शव लटकता देखा। उनकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कराई तो पहचान बसंतपुर गांव के बाबूराम के रूप में हुई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
पिछले कई दिनों से घर में मची थी कलह
ग्रामीणों के मुताबिक दो महीने से बाबूराम की आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो गई थी। फसल बर्बाद होने की वजह से वह और भी परेशान रहने लगा था। पड़ोसियों के मुताबिक पति-पत्नी के बीच रोजाना ही किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी होती थी। हालांकि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बाबूराम इतना बढ़ा कदम उठा लेगा।