पांच जेसीबी से हटाया गया मलबा
मकान में विस्फोट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आनन-फानन पांच जेसीबी मंगाकर मलबे को हटाने का कार्य शुरू किया। तीन एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम भी बुला ली गई। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तैमूर का शव मलबे से निकाला गया। उसके कुछ अंग विस्फोट से उड़ गए थे। वहीं सलामत बेगम झुलसी हुई घायल अवस्था में मिलीं। अस्पताल ले जाते वक्त उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
घटना के वक्त तमन्ना छत पर थी और विस्फोट से जब छत ढही तो वह खिसककर मकान से बाहर जा गिरी। दूसरी बेटी अर्फी आंगन में रखे जेनरेटर के पास खिलौना गाड़ी पर बैठी खेल रही थी, इसलिए विस्फोट के बाद छत का जो हिस्सा वहां गिरा, वह जेनरेटर पर टिक गया। ऐसे में अर्फी उसके नीचे बैठी रही। दोनों को घायलावस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर डीएम मनोज कुमार, एसएसपी आलोक प्रियदर्शी, एसडीएम बिल्सी प्रवर्धन शर्मा और सीओ सुशील कुमार भी पहुंचे।
अवैध गोदाम पर कठघरे में जिम्मेदार
घर में विस्फोटकों का गोदाम बनाकर अख्तर का आतिशबाजी का कारोबार संचालित करना जिम्मेदारों को कठघरे में खड़ा कर रहा है। प्रारंभिक जांच के बाद अग्निशमन अधिकारी पूरनलाल सोलंकी ने इस बात की पुष्टि की है कि अख्तर के पिता असगर ने सिर्फ आतिशबाजी की बिक्री का लाइसेंस लिया था, जिसका एक साल से नवीनीकरण भी नहीं कराया गया है।
डीएम मनोज कुमार ने बताया कि हादसा कैसे हुआ, क्यों हुआ, आतिशबाज के पास लाइसेंस था या वह दूसरे के लाइसेंस पर काम कर रहा था? इन सभी बिंदुओं पर जांच कराई जा रही है। एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि पता चला है कि मकान मालिक अख्तर अली के पिता के नाम आतिशबाजी का लाइसेंस है। जानकारी जुटाई जा रही है। घायलों का इलाज कराया जा रहा है।