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Bareilly News: मौलाना तौकीर रजा फरार घोषित, नहीं मिले तो कुर्क होगी संपत्ति

Mon, 01 Apr 2024 04:17 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

कोर्ट ने मौलाना तौकीर रजा को फरार घोषित कर दिया है। मौलाना के पेश न होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पुलिस को आगे की कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। 
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मौलाना तौकीर रजा खां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के मामले में सोमवार को बरेली के जिला जज कोर्ट की अदालत में सुनवाई हुई। तौकीर रजा के पेश न होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताकर उन्हें फरार घोषित कर दिया। साथ ही पुलिस को आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया। अगली तारीख आठ अप्रैल तय की गई है।

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वर्ष 2010 दंगों के मामले में कोर्ट से मौलाना तौकीर रजा के खिलाफ दो बार गैर जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट से मामले की सुनवाई अब जिला जज के कोर्ट में हो रही है। जिला जज विनोद कुमार की अदालत में सोमवार को मामले की सुनवाई प्रस्तावित थी। तौकीर रजा सोमवार को फिर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। जिला शासकीय अधिवक्ता सुनिति कुमार पाठक ने बताया कि मौलाना तौकीर गैरहाजिर रहे। अदालत ने उन्हें फरार घोषित कर दिया है। मामले की सुनवाई के लिए आठ अप्रैल की तारीख नियत कर दी है।

एडीजे कोर्ट ने बताया था दंगों का मास्टरमाइंड
एडीजे फास्ट ट्रैक रवि कुमार दिवाकर के कोर्ट ने पांच मार्च 2024 को एक आदेश में मौलाना को वर्ष 2010 के बरेली दंगों का मास्टरमाइंड बताते हुए बतौर अभियुक्त तलब किया था। कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई थी कि मुकदमे में नाम और संबंधित साक्ष्य व पुलिसकर्मियों की गवाही के बावजूद तौकीर रजा का नाम चार्जशीट से निकाल दिया गया। 

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कोर्ट ने तत्कालीन पुलिस व प्रशासनिक अफसरों को भी आड़े हाथ लेकर आदेश की पत्रावली मुख्यमंत्री कार्यालय भेजने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद मौलाना कोर्ट में हाजिर नहीं हुए तो 11 मार्च 2024 को कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। दो दिन बाद दोबारा यही वारंट जारी किया गया। इस बीच मुकदमे के एक आरोपी ने एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई हटाने की मांग की थी। तब जिला जज कोर्ट ने मामले की सुनवाई अपने ही यहां सुरक्षित कर ली।

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चार राज्यों में घूमी थी पुलिस, नहीं मिले मौलाना
एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट ने प्रारंभिक दौर में लापरवाही के लिए प्रेमनगर इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच कराने का आदेश दिया था। फिर सीओ प्रथम को जिम्मेदारी दी गई। वह भी गिरफ्तार नहीं कर सके तो एसएसपी को गिरफ्तारी की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद पुलिस की दस टीमों ने चार राज्यों में मौलाना की तलाश का दावा किया। पुलिस कई दिन बाद भी सफल नहीं हो सकी और केस दूसरी अदालत में ट्रांसफर होते ही रात को मौलाना तौकीर बरेली अपने घर आ गए। कोर्ट ने उनसे 27 मार्च को पेश होने की अपेक्षा की थी। इस बीच वह बीमार पड़ गए। समर्थकों के मुताबिक वह अभी तक दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हैं। मौलाना पक्ष से सुप्रीम कोर्ट में भी पैरवी की गई है, वहां भी प्रक्रिया चल रही है।

ये है कानूनी प्रक्रिया
विधि विशेषज्ञों के मुताबिक कोर्ट जब किसी आरोपी को फरार घोषित करता है तो पुलिस को 82 की कार्रवाई का नोटिस जारी किया जाता है। इसे संबंधित शख्स के दरवाजे पर चस्पा कर पुलिस को मुनादी करनी होती है। करीब महीने भर के अंतराल में आरोपी के न मिलने पर 83 (कुर्की) का नोटिस चस्पा किया जाता है।

स्वस्थ होते ही हाजिर होंगे आईएमसी प्रभारी
आईएमसी के मीडिया प्रभारी मुनीर इदरीशी ने बताया कि पार्टी प्रभारी अभी दिल्ली के अस्पताल में ही हैं। उनके स्वास्थ्य में काफी सुधार है पर अभी डॉक्टरों ने उन्हें डिस्चार्ज नहीं किया है। वह कानून का सम्मान करते हैं। जैसे ही डॉक्टर उन्हें पूरी तरह स्वस्थ मानेंगे, वैसे ही वह बरेली आकर कोर्ट में हाजिर होंगे।
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एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने बताया कि कोर्ट ने जो भी आदेश दिया है उसका पूरी तरह पालन कराया जाएगा। अभी आदेश की प्रति नहीं मिली है, उसका अवलोकन करने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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