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आज से शुरू होगा मुख्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन

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MJP Rohilkhand university
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रुहेलखंड विवि में करीब 10 लाख कॉपियों को जांचने की तैयारी शुरू

बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में चल रही मुख्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शनिवार यानी 14 अगस्त से शुरू हो जाएगा। विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन परिसर में तीन मूल्यांकन केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जाएगी। शुक्रवार को मूल्यांकन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
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परीक्षा नियंत्रक अशोक कुमार अरविंद ने बृहस्पतिवार को समन्वयकों के साथ मूल्यांकन की तैयारियों को लेकर बैठक की थी। इसमें मूल्यांकन संबंधी दिशानिर्देश दिए गए थे। पूर्व में जारी शासनादेश के तहत 31 अगस्त तक स्नातक द्वितीय, तृतीय और परास्नातक के अंतिम वर्ष का परिणाम जारी करना है। लिहाजा वे पाठ्यक्रम, जिनकी परीक्षा पूरी हो चुकी है, उनका मूल्यांकन शुरू करने के निर्देश कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह ने दिए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शासनादेश जारी होने के बाद मूल्यांकन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। तीन मूल्यांकन केंद्रों पर 10 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की जांच निर्धारित समय में पूरा करना और परिणाम जारी करना किसी चुनौती से कम नहीं है। मुख्य परीक्षा के लिए तीनों मूल्यांकन केंद्रों की निगरानी की जिम्मेदारी समन्वयक प्रो. आलोक श्रीवास्तव, प्रो. केके माहेश्वरी और प्रो. संतोष अरोड़ा को सौंपी गई है।

15 जुलाई से चल रही हैं मुख्य परीक्षाएं

महाविद्यालयों में मुख्य परीक्षाएं 15 जुलाई से चल रही हैं। 14 अगस्त को परास्नातक की परीक्षाएं खत्म होंगी। प्रयोगात्मक परीक्षा 19 अगस्त तक हो जाएगी। 23 अगस्त तक स्नातक की मुख्य परीक्षाएं खत्म होंगी। प्रयोगात्मक और मौखिक परीक्षा 28 अगस्त को समाप्त हो जाएगी। 31 अगस्त को परिणाम जारी करना है, इसलिए मूल्यांकन के लिए उत्तर-पुस्तिकाएं संकलन केंद्रों से मंगा ली गई हैं।

इस बार करीब 15 लाख कम होंगी कापियां

पहले स्नातक, परास्नातक और अन्य विषयों की करीब 35 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होता रहा है। अबकी बार स्नातक , परास्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा नहीं हुई है। जो परीक्षाएं हुई भी हैं, उनमें सभी विषयों के पूरे पाठ्यक्रम के लिए एक ही प्रश्नपत्र बना है। प्रश्नों की संख्या भी कम रही है। लिहाजा इस बार करीब 15 लाख उत्तर पुस्तिकाएं कम होंगी। इससे मूल्यांकन में कम समय लगेगा। मूल्यांकन कक्ष में बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित रहेगा।

बढ़ाई जा सकती है परीक्षकों की तादाद

अबकी बार मूल्यांकन के लिए काफी कम वक्त विश्वविद्यालयों को मिला है। इसलिए मूल्यांकन के लिए दूसरे विश्वविद्यालयों अथवा महाविद्यालयों के अनुमोदित शिक्षकों से भी मूल्यांकन कराया जा सकता है। परीक्षा नियंत्रक के मुताबिक, शुरुआत आंतरिक परीक्षक ही करेंगे लेकिन जरूरत पड़ी तो परीक्षकों की तादाद बढ़ाई जा सकती है। समन्वयकों को इस बाबत दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं।
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