लोगों ने बिजलीघर किए फोन तो नहीं किसी ने नहीं उठाए
बरेली। मंगलवार को शहर के आधे घरों में बिजली गुल हो गई। गर्मी में लोड बढ़ा तो फाल्ट होना शुरू हो गए मगर फाल्ट ठीक नहीं हो सके। कारण, बिजली विभाग के संविदा कर्मी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे थे। इससे पूरे दिन शहर में बिजली की समस्या बनी रही। शाम तक बिजली नहीं आने पर पानी की समस्या भी लोगों के सामने आई।
महानगर उपकेंद्र से जुड़े करीब दो हजार घरों में बिजली गुल होने से लोगों को काफ ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बिजली न होने से तीन से चार घंटे बाद घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। उसके बाद भी उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी गई। शहर के लोगों ने जब फोन करना शुरू किया तो संविदा कर्मियों ने बताया कि वह हड़ताल पर हैं और कोई काम नहीं होगा। इसके बाद लोगों ने बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों को फोन किया। इस पर अधिकारियों ने कुछ देर बाद फोन उठाना ही बंद कर दिया। पूरे दिन लोग सिर्फ बिजली का इंतजार ही करते रहे। शहर के कुतुबखाना, बड़ा बाजार, डीडीपुरम, महानगर, पीलीभीत बाईपास, सिविल लाइंस समेत अन्य कई शहरों में शाम तक फाल्ट ठीक नहीं हो सके। मुंशीनगर, परवाना नगर, आशुतोष सिटी और बन्नूवाल कॉलोनी, सनसिटी समेत शहर की कई कॉलोनियों में भी इसी तरह बिजली का संकट गहराया रहा। हालांकि बिजली विभाग के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने कई जगहों पर फाल्ट ठीक भी करा दिया।
‘पूरे दिन बिजली व्यवस्था ने परेशान किया। बिजली विभाग के लोगों को फोन किया तो बताया कि मांगों को लेकर वह हड़ताल कर रहे हैं। फाल्ट ठीक नहीं कर सकेंगे।’ - संजय शर्मा, सिविल लाइंस
‘दोपहर के बाद से बिजली चली गई। आस-पास बाजारों में भी यही हाल करीब पांच घंटे तक आपूर्ति बाधित रही।’ - मुकुल सक्सेना, सिटी स्टेशन रोड
‘दोपहर करीब एक बजे बिजली चली गई। बिजली विभाग को फोन किया तो बताया गया कि फाल्ट हुआ है। बस फाल्ट ही बताते रहे और देर शाम तक बिजली की समस्या जस की तस बनी रही।’ - राजीव कुमार, बिहारीपुर
‘बिजली आपूर्ति कई घंटे बाधित रही। पता करने पर बताया गया कि फाल्ट हुआ है। ठीक कराया जा रहा है। दूसरी जगह से पता किया तो पता चला कि बिजली विभाग कर्मी हड़ताल पर हैं।’ - सारिका, किला