मां बोली- रामस्वरूप ने ही पाला पोसा था पप्पू को
मां पात्रा देवी का कहना है कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। उनके पति भी दिव्यांग थे। घर में सबसे बड़ा रामस्वरूप ही था। जब उनके पति की मौत हुई थी, तब तीन बेटे काफी छोटे थे। रामस्वरूप ही सबसे ज्यादा होशियार था। वही घर में सबसे ज्यादा काम करता था और अपने भाइयों का ख्याल रखता था। उसका कभी किसी से झगड़ा भी नहीं हुआ, लेकिन रात उसी ने अपने छोटे भाई की जान ले ली।
पहले मोहल्ले वालों ने चारपाई से बांध दिया था आरोपी
बुधवार शाम जब आरोपी मां पात्रा देवी और छोटे भाई पप्पू से गालीगलौज कर रहा था, तब मोहल्ले के लोगों ने रामस्वरूप को पकड़कर चारपाई से बांध दिया था। रात आठ बजे तक वह चारपाई से बंधा रहा। बाद में परिजनों ने ही तरस खाकर उसे खोल दिया। इसके बाद वह घर से निकलकर बाहर चला गया। लौटकर आने के बाद वारदात को अंजाम दे दिया।
सीओ दातागंज केके तिवारी ने बताया कि नगरिया खनू गांव में एक युवक ने अपने ही छोटे भाई की फावड़े से काटकर हत्या कर दी। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। आरोपी को तलाश कराया जा रहा है।