बरेली। ससुराल में पहली हरियाली तीज का अलग ही महत्व होता है। सास अपनी नई-नवेली बहू के लिए हरियाली तीज पर सिंधारा सजाती हैं तो मायके से भी सिंधारा सजाकर बेटी की ससुराल भेजा जाता है। शहर में तमाम परिवारों में यह रस्म निभाने के साथ यादगार ढंग से हरियाली तीज मनाने की तैयारी है।
शादी के बाद पहली तीज मनाने जा रही बहुओं की ससुराल में खास तैयारियां चल रही हैं। सिर्फ बहुएं ही नहीं, सासें भी उनकी पहली तीज के लिए उत्साहित हैं। बहू की पसंद के कपड़ों के साथ शृंगार का सामान मंगाया जा रहा है ताकि उसकी पहली तीज को यादगार बनाया जा सके। इसके अलावा मिठाई और कपड़ों की भी खरीदारी की गई है।
शहर के कुतुबखाना, बड़ा बाजार और सिविल लाइंस समेत तमाम बाजारों में हरियाली तीज से एक दिन पहले मंगलवार को महिलाओं ने जमकर खरीदारी की। कपड़ों के अलावा ज्वैलरी की दुकानों पर रौनक बढ़ी हुई थी। चूड़ी-बिंदी और आर्टीफीशियल कंगन की दुकानों पर भी भीड़भाड़ रही।
पहली तीज का इंतजार
शादी के बाद पहली तीज मनाने जा रही गांधीपुरम की जुगनू कहती हैं कि वह इसे लेकर काफी उत्साहित हैं। कपड़ों की खरीदारी करने के साथ मेंहदी भी लगवा चुकी हैं। मां और सास दोनों तरफ से खूब सारा प्रेम और आशीर्वाद मिला है। पहली तीज को यादगार बनाने के लिए पूरा परिवार उत्साहित है।
यह सावन सबसे खूबसूरत
ओल्ड सिटी की सोनाली शर्मा का भी शादी के बाद पहला सावन है। वह कहती हैं शादी के पहले साल के सभी त्योहार खास होते हैं। इसमें सावन तो बहुत मनोरंजन और उत्साह का पर्व है। हरियाली तीज पर दुल्हन की तरह सजूंगी। सासू मां ने खुद मेरे लिए ब्यूटिशियन और मेंहदी वाले की बुकिंग की है।
ये पर्व खुशियों का प्रतीक
बानखाना की आरती कहती हैं कि हरे रंग को जीवन और खुशियों का प्रतीक माना जाता है। सुहागिन स्त्रियां हरे रंग की चूड़ियां अपने पति की खुशहाली, तरक्की, दीर्घायु और सेहतमंद जीवन के लिए पहनती हैं। हरियाली तीज को लेकर उत्साह है।
पूरे परिवार के साथ मनाएंगे
गुलाब नगर की शीतल बताती हैं कि वह तीज मनाने की तैयारी में लगी हुई है। उन्हाेंने मेंहदी लगवा ली है। शृंगार के सामान की खरीदारी भी कर ली है। बस अब त्योहार का इंतजार है जिसे पूरे परिवार के साथ मनाना है क्योंकि सभी लोग इसे लेकर उत्साहित है।
शिव-पार्वती के मिलन का पर्व
रुहेलखंड यूनिवर्सिटी की लीला कहती हैं कि हरियाली तीज शिव पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं झूला झूलती हैं। लोकगीत गाती है और खुशियां मनाती हैं। मायके से बेटियों की ससुराल में शगुन के रूप में कपड़े, गहने, शृंगार का सामान, मेहंदी, मिठाई और फ ल भेजे जाते है।
कर ली है सारी तैयारी
शांति विहार कॉलोनी की डॉ. कल्पना सिंह ससुराल और मायके पक्ष से दोनों ओर सिंधारा मिल गया है। मेंहदी लगवा ली है। परिवार में इसे लेकर उत्साह भी है। पूजा की सभी तैयारियां कर ली हैं। पहली तीज को यादगार बनाने के लिए पूरा परिवार ही उत्साहित है।