तीन साल पहले समाजवादी पार्टी से जिला सहकारी बैंक के निर्विरोध चेयरमैन बनाए गए वीरेंद्र सिंह गंगवार के खिलाफ अब पार्टी के ही नेताओं ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है। सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव, पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार समेत कई नौ बैंक डायरेक्टरों ने जिलाधिकारी गौरव दयाल से मुलाकात कर वर्तमान सभापति वीरेंद्र सिंह पर अपने कार्यकाल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए जिसमें सहकारी बैंक की आमदनी 76.41 लाख से घटकर 37.64 रहने की बात कही गई। डीएम ने अभी अविश्वास प्रस्ताव लाने की तारीख तय नहीं की है। वीरेंद्र सिंह गंगवार हाल ही में सपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए थे।
शनिवार अपराह्न डेढ़ बजे सपा नेताओं और सहकारी बैंक के डायरेक्टरों का प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव और पूर्व मंत्री भगवतसरन गंगवार के नेतृत्व में डीएम गौरव दयाल से उनके दफ्तर में मिला। प्रतिनिधि मंडल की ओर से डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा गया। इसमें वर्तमान चेयरमैन वीरेंद्र सिंह गंगवार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए बैठक बुलाने की मांग की गई। डीएम को बताया गया कि जिला सहकारी बैंक प्रबंध समिति ने 22 जनवरी 2013 को गांव अहमदाबाद तहसील नवाबगंज जनपद बरेली निवासी वीरेंद्र सिंह गंगवार को निर्विरोध चेयरमैन बनाया था। निर्वाचित 14 सदस्यों में से वीरपाल सिंह यादव ने व्यक्तिगत कारणों से सहकारी बैंक प्रबंध समिति से इस्तीफा दे दिया। वर्तमान में सहकारी बैंक के बोर्ड में 13 डायरेक्टर हैं। इनमें 11 वर्तमान चेयरमैन के खिलाफ हैं।
क्या लगाया है आरोप
अविश्वास प्रस्ताव लाने के पीछे सपा नेताओं ने चेयरमैन द्वारा बैंक में अपने दायित्वों का निर्वहन न करने, पहली सभा सात फरवरी 2013 को बुलाकर बिना किसी वजह के स्थगित करने, दो साल में प्रबंध समिति के सदस्यों की मात्र तीन बैठकें बुलाने (जबकि संचालक मंडल की बैठक तीन माह में बुलाने का नियम है), साढ़े तीन साल के कार्यकाल में बैंक की साधारण वार्षिक सभा (एजीएम) नहीं बुलाने, सभापति वीरेंद्र सिंह द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान विभागीय वाहनों का दुरुपयोग कर 60 बार लखनऊ की यात्रा करने, वाहनों की मरम्मत, डीजल, इंजिन आयल पर 6.65 लाख का खर्च दिखाकर बैंक के बजट का दुरुपयोग करने, बैंक की अन्य मदों में बड़े पैमाने पर धनराशि गबन करने के आरोप लगाए हैं।
यह हैं नोटिस देने वाले
नोटिस देने वाले संचालक मंडल सदस्यों में प्रेमवती, मलखान सिंह यादव, रामभाग यादव, विवेक कुमार, सुनील कुमार वर्मा, चौधरी छत्रपाल सिंह, धीरेंद्र यादव, आदित्य यादव, सुखवीर सिंह शामिल थे। दो सदस्य वीरेंद्र शर्मा और कुसुम कुमारी आ नहीं पाए थे।