चंडीगढ़ से बरेली के लिए चले दवाओं के पार्सल गाड़ी संख्या 12232 सद्भावना एक्सप्रेस के पार्सल यान से गायब हो गए। पार्सल कार्यालय में 72 हजार कीमत की दवाओं से लदे पार्सल खोने के बाद हल्ला मच गया। चंडीगढ़ से लेकर लखनऊ स्टेशन तक पार्सलों की तलाश कराई गई, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। थोक दवा कारोबारी ने रेलवे बोर्ड में शिकायत दर्ज कराई तो जांच के आदेश कर दिए गए।
गत 15 अगस्त को चंडीगढ़ के थोक दवा व्यवसायी ने सद्भावना एक्सप्रेस से बरेली के थोक दवा कारोबारी महेश चंद्र गुप्ता के नाम पार्सल भेजे थे। 16 अगस्त को पार्सल बरेली जंक्शन पहुंचने थे। थोक दवा कारोबारी ने जंक्शन के पार्सल हाउस से संपर्क किया तो पता चला वहां कोई पार्सल नहीं उतरा। इसके बाद उन्होंने एसएस कार्यालय और पार्सल कार्यालय के अधिकारियों से शिकायत की। चीफ पार्सल आफिसर मुरादाबाद, अंबाला, सहारनपुर, चंडीगढ़ से संपर्क किया गया, लेकिन कुछ पता नहीं चला।
मार्का तो गलत नहीं पड़ गया
कुसुमनगर के दवा कारोबारी मनोज चंद्र गुप्ता ने बताया कि सभी स्टेशनों पर जानकारी के बाद मालूम हुआ कि माल कहीं नहीं उतरा है। चंडीगढ़ के दवा कारोबारी ने बिल्टी पर कीमत नहीं लिखी थी। यही वजह है कि अब व्यापारी को क्लेम भी नहीं मिलेगा। आरोप है कि चंडीगढ़ जंक्शन पर मार्का गलत पड़ने की वजह से माल किसी अन्य स्टेशन पर उतार गया है।
इस मामले में रेलवे बोर्ड जांच कर रहा है। तीन महीने बाद व्यापारी को क्लेम करने का अधिकार मिल जाएगा। हो सकता है कि इस दौरान उनके पार्सल मिल जाएं। रेलवे प्रशासन कोशिश कर रहा है कि उनका सामान मिल जाए।
- केएम झाबरा, चीफ सुपरीटेंडेंट पार्सल हाउस