सबसे अधिक मांग इन नंबरों की
गौर करने की बात यह है कि कई वाहन स्वामियों को मनमाफिक नंबर नहीं मिले तो उन्होंने उनसे मिलते-जुलते विकल्पों के नंबरों को ही बुक करा दिया। ऐसे 25 नंबरों के जरिये परिवहन विभाग ने 6.58 लाख रुपये जुटाए हैं। वीआईपी की श्रेणी में रखे गए नंबरों में सबसे ज्यादा मांग 0001, 0009 की है। इसके अलावा 0007 भी वाहन स्वामियों का पसंद का नंबर है। शून्य से नौ की संख्या तक वाहन स्वामी नंबर खरीदने में कोई कंजूसी नहीं कर रहे।
एआरटीओ प्रशासन मनोज कुमार ने बताया कि वीआईपी नंबर जारी करने की प्रक्रिया ऑनलाइन है। बीई, बीवी और बीडब्ल्यू सीरीज के नंबरों पर करीब 63 लाख रुपये का राजस्व मिला है। 0009 और 0001 जैसे नंबरोंं की ज्यादा मांग है। बाइकर्स भी मनमाफिक नंबर चाहते हैं। 350 सीसी जैसी बाइकों के लिए नंबरों के बोली 50 हजार रुपये तक पहुंच रही है।
बाइकों पर भी चाहिए वीआईपी नंबर
महंगी बाइक का युवा वर्ग में क्रेज बढ़ रहा है। इसके साथ इन बाइक पर युवाओं को नंबर भी मनमाफिक चाहिए। रॉयल जावा, रॉयल इनफील्ड, यामाहा और होंडा कंपनी की 350 एचपी स्तर की बाइकों के लिए वीआईपी नंबर की लाइन लग रही है। रॉयल इनफील्ड के चाहने वाहनों को 0077 नंबर भा रहा है। 0005 और 1111 नंबर के लिए 50 हजार रुपये तक की बोली जा रही है। परिवहन विभाग की वेबसाइट पर नंबर बुक करने के साथ लोग परिवहन विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर रहे हैं।