बरेली में पुलिस स्कॉर्ट की जिप्सी की टक्कर से हुई मौत के मामले में कोर्ट ने डीएम को डीआईजी से 6.48 लाख रुपये मुआवजा वसूली के आदेश दिए हैं। आदेश मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के पीठासीन अधिकारी क्षितिज श्रीवास्तव ने साल 2009 के एक मामले में दिया है।
थाना फतेहगंज पश्चिमी के गांव पिपरिया निवासी विमला देवी ने साल 2009 में मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण में दावा दायर किया था। परिवादिनी के पति 24 अगस्त 2009 को मोटरसाइकिल से फतेहगंज पश्चिमी से अपने गांव आ रहे थे। फोकस इंजीनियरिंग कॉलेज के निकट सामने से आ रही जिप्सी ने बाइक में टक्कर मार दी थी, जिससे वादिनी के पति नंदराम की मौके पर ही मौत हो गई थी।
जिप्सी आईजी पुलिस की स्कॉर्ट में शामिल थी। टक्कर लगते ही आईजी की स्कॉर्ट को काफी देर मौके पर ही रुकना पड़ा। जिप्सी पुलिस विभाग का कर्मचारी फरीद खान चला रहा था। प्राधिकरण में 4 साल मामले की निरंतर सुनवाई के बाद वर्ष 2013 में विपक्षी के खिलाफ 1.22 लाख रुपए का मुआवजा निर्धारित करते हुए ब्याज सहित रकम मृतक के परिवार को अदा करने का आदेश हुआ।
वर्षों बीत जाने के बावजूद मुआवजे का भुगतान नहीं किया गया। बृहस्पतिवार को पीठासीन अधिकारी क्षितिज श्रीवास्तव ने डीआईजी पुलिस से 6.48 लाख रुपए वसूल करके प्राधिकरण में जमा करने के आदेश डीएम को दिए हैं। यह भी कहा है कि विपक्षी की गिरफ्तारी करके, विपक्षी के बैंक खाते से या विपक्षी की संपत्ति की कुर्की करके किसी भी तरह 15 जुलाई तक प्राधिकरण में रकम जमा कराई जाए।