फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौलाना की कम नहीं हो रहीं मुश्किलें: तौकीर रजा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी, ये है मामला

Sun, 31 Mar 2024 03:19 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

Bareilly News: मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। बरेली दंगा प्रकरण में उन पर गिरफ्तारी की तलवार पहले से ही लटकी हुई है। अब एक अधिवक्ता ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। 
विज्ञापन
मौलाना तौकीर रजा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली में इत्तेहादे मिल्लत कौंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) कोर्ट में अर्जी दी गई है। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। 

विज्ञापन


अधिवक्ता वीरेंद्र पाल गुप्ता ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि मौलाना तौकीर रजा खां आला हजरत परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिनका समाज में खासा प्रभाव है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद विपक्षी ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के लिए राष्ट्र विरोधी बयान दिए। नौ फरवरी 2024 को शहर में धारा 144 लागू होने के दौरान जुमे की नमाज के बाद मार्च व सामूहिक गिरफ्तारी का ऐलान करके भीड़ को इकट्ठा करने की योजना बनाई। 

पेशी से एक दिन पहले अस्पताल में भर्ती: हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद हाजिर नहीं हुए तौकीर रजा, हो सकते हैं अरेस्ट
विज्ञापन


इस दिन शहर में बवाल हुआ जो भड़काऊ बयानों का परिणाम था। कोर्ट से मौलाना तौकीर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की प्रार्थना की गई है। कोर्ट ने इस पर पुलिस से रिपोर्ट मांगते हुए सुनवाई के लिए 16 अप्रैल की तारीख तय की है। 

विज्ञापन

इस मामले में लटकी गिरफ्तारी की तलवार 
बता दें कि 2010 के बरेली दंगे को लेकर मौलाना तौकीर रजा को पिछले दिनों कोर्ट ने मास्टरमाइंड बताया था। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। वह हाईकोर्ट गए तो वहां से ट्रायल कोर्ट में 27 मार्च को हाजिर होने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद मौलाना कोर्ट में हाजिर नहीं हुए थे। पेशी से एक दिन पहले ही वह दिल्ली के अस्पताल में भर्ती हो गए। 

तौकीर रजा ने बीमारी का हवाला देकर अपने अधिवक्ता के जरिए अदालत में अर्जी लगवाई,  जिसे कोर्ट ने लेने से इन्कार कर दिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। फिलहाल, न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तारीख एक अप्रैल नियत की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें