30 से 50 वर्ष तक के बंदी चपेट में
जो बंदी एचआईवी की चपेट में मिले हैं, वे 30 से 50 वर्ष आयु वर्ग के हैं। इनमें भी ज्यादातर ऐसे बंदी संक्रमित पाए गए हैं जो इंजेक्शन से शरीर में नशा घोल रहे थे। आशंका है कि जेल में आने से पहले किसी संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन को खुद पर प्रयोग करने से एचआईवी की चपेट में आए हैं।
साल दर साल बढ़ रही मरीजों की तादाद
जिला अस्पताल के एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में इस साल अब तक 550 से ज्यादा एचआईवी संक्रमित मिल चुके हैं। वर्ष 2012-13 में एआरटी सेंटर स्थापित हुआ था। तब से अब तक 11 संक्रमितों की मौत हुई है।