फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: उत्पीड़न के बाद महीनों से आर्थिक मदद के इंतजार में 350 एससी-एसटी

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। दुष्कर्म, छेड़खानी के पीड़ित और जातिसूचक शब्दों से अपमानित अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 350 लोग सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता का इंतजार कर रहे हैं। इनको समाज कल्याण विभाग से एक से लेकर आठ लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलनी है। विभाग ने बजट के अभाव में धनराशि जारी नहीं की। इस वजह से पीड़ित चार माह से अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। इसके लिए अधिकारियों ने शासन से पांच करोड़ रुपये के बजट की मांग की है।
विज्ञापन

अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों के साथ अत्याचार व आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम-1989 में मदद का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत पीड़ित व्यक्तियों व परिवारों को निर्धारित समय में समाज कल्याण विभाग से आर्थिक मदद दी जाती है। बीते छह महीने में विभाग के सामने ऐसे 350 मामले आए। उत्पीड़न व अपमान झेलने वाले इन पीड़ितों ने मुकदमा दर्ज कराने के बाद आर्थिक मदद मांगी है। नियमानुसार एफआईआर दर्ज होने के बाद आर्थिक मदद का 50 प्रतिशत पीड़ित के खाते में देना होता है, लेकिन वह भी नहीं दिया गया है। इससे पीड़ित परेशान हैं और विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।

दुष्कर्म पीड़िता को मिलते हैं पांच से आठ लाख रुपये
एससी-एसटी वर्ग की दुष्कर्म पीड़िता को पांच से आठ लाख रुपये तक की मदद मिलती है। आरोपी एक होने पर पांच लाख और एक से अधिक होते पर पीड़िता को आठ लाख रुपये दिए जाने का प्रावधान है। ऐसे मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद मेडिकल रिपोर्ट आने पर पीड़िता को आधी रकम मिल जाती है। फिर आरोपपत्र दाखिल होने पर 25 फीसदी और कोर्ट का फैसला आने के बाद बाकी रकम दी जाती है। इसके अलावा मारपीट में मृत्यु होने पर आठ लाख, छेड़खानी के मामले में पांच लाख और जातिसूचक शब्द के पीड़ित को एक लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। अधिकारियों ने बताया कि एससी-एसटी उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हर माह 40 से 50 मामले आने लगे हैं। पूर्व में यह आंकड़ा अधिकतम 20 तक रहता था।
विज्ञापन



इन पीड़ितों को करीब पांच करोड़ रुपये की मदद दी जानी है। शासन को पत्र भेजकर बजट की मांग की गई है। बजट आते ही सभी पीड़ितों को सहायता राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। - सुधांशु शेखर, जिला समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन

उदित सिंह
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें