बाराबंकी। जिले में अलग-अलग जगहों पर हुए सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
कोतवाली फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम कीरतपुर निवासी जियालाल (50) रविवार की शाम साइकिल से दूध लेने के लिए शेखपुर आया था। शाम को लौटते समय बाबा कुटी मार्ग पर किसी वाहन ने ठोकर मार दी। इससे जियालाल के सिर में गंभीर चोट आई। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उसे सीएचसी फतेहपुर में भर्ती कराया। जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
वहीं हैदरगढ़ क्षेत्र के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर खड़े वाहन से टकराकर कार सवार एक युवक की मौत हो गई। एक्सप्रेसवे के किमी. 56 पर सुबेहा थाने के शुकुलपुर गांव के पास लखनऊ की ओर से आई कार खड़े वाहन में टकरा गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार में सवार युवक को स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला। थाना प्रभारी शिव नारायण सिंह ने बताया कि मृतक संदीप (40) निवासी ग्राम बेहटा जिला अयोध्या का निवासी है। लखनऊ से लौटते समय कार सड़क निर्माण के लिए खड़े वाहन में टकरा गई। मृतक के घर पर सूचना दी गई है।
इसी तरह रामनगर थाना क्षेत्र में सोमवार को सड़क हादसे में एक शख्स की मौत हो गई। ग्राम कुम्हरवा निवासी सुंदरलाल यादव (40) सोमवार दोपहर पैदल रामनगर जा रहे थे। इस बीच बाराबंकी-बहराइच हाईवे पर ब्लॉक मुख्यालय के पास एक तेज रफ्तार वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। लोगों ने उसे आननफानन सीएचसी रामनगर भेजा। वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हादसे में मृतक युवकों के शव घर पहुंचे तो मचा कोहराम
सूरतगंज। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के कुड़ेलवा निवासी अरविंद वर्मा (30) व दिनेश विश्कर्मा (33) शुक्रवार को बाइक से बहराइच अपने दोस्तों से मिलने गए थे। वहां से रविवार सुबह से घर आ रहे थे कि कोतवाली देहात अंतर्गत ग्राम चाई पुरवा चेतरा के निकट किसी वाहन ने बाइक को ठोकर मार दी, जिससे बाइक सवार दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी।
सोमवार को दोनों के शव गांव पहुंचे तो अंतिम संस्कार किया गया। अरविंद व दिनेश की मौत के बाद उनके बच्चों के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दोनों लोगों की मौत से उनकी पत्नियों की हालत खराब हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल छा गया है।