बाराबंकी। कोरोना की दूसरी लहर के बाद से बंद पहली से पांचवीं तक के स्कूल बुधवार से खुल गए। परिषदीय विद्यालयों में पहले दिन ही नौनिहालों की संख्या संतोषजनक दिखी। मगर, अव्यवस्थाओं को लेकर नौनिहालों को काफी दिक्कतों को सामना करना पड़ा।
कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन तो दूर शिक्षक व बच्चे बिना मास्क के दिखे। शहरी क्षेत्र में जहां स्कूल आए बच्चों को एमडीएम मिला तो ग्रामीण अंचलों में किचन की सफाई होती दिखी। वहीं विद्यालयों में जलभराव व मवेशियों के झुंड के साथ गंदगी दिखी। तो कई स्कूलों में शिक्षकों के न पहुंचने से ताला लटकता दिखा।
जिले में कोरोना की पहली लहर के बाद एक मार्च से स्कूलों का संचालन शुरू किया गया था। लेकिन मार्च के दूसरे सप्ताह से ही कोरोना की दूसरी लहर की आहट होते ही स्कूलों को बंद कर दिया गया था। हालांकि स्थित नियंत्रित होते ही छह से आठवीं तक के स्कूलों का संचालन जहां पिछले माह 24 अगस्त से शुरू हुआ तो एक सितंबर से पहली से पांचवीं कक्षा तक के स्कूल खुल गए।
इसके बाद नौनिहाल तो समय पर स्कूल पहुंचे। मगर, लंबे समय से पठन-पाठन से दूर हुए शिक्षकों की मनमानी खुलकर सामने आई। समय से स्कूल न खुलने व साफ-सफाई न होने से बच्चों को काफी दिक्कतें हुईं।