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फिर बढ़ने लगा सरयू का जलस्तर, तराई वासियों की बढ़ी मुश्किलें

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कोटवाधाम (बाराबंकी)। तराई वासियों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जहां एक तरफ सरयू नदी के जलस्तर में पिछले दो दिन से कमी आयी थी तो तराई क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली। मगर बुधवार को नेपाल के बैराजों से चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यहां के लोगों में एक बार फिर दहशत फैल गयी है। लोगों ने बताया कि अभी गांव से बाढ़ का पानी निकला नहीं था और नदी का जलस्तर शाम से फिर बढ़ने लगा है। ऐसे में हम लोगों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं।
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तहसील सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा सनावा बाबूरी कहरानपुरवा, सरायसुर्जन, भयकपुरवा बघौलीपुरवा, भयकपुरवा, गोबरहा, तेलवारी, नव्वनपुरवा, मझा, बेहटा, परसवाल, कोठीडीहा, सिरौलीगूंग, घुटरू, सरदाहा आदि गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। लोग अपने परिवार के साथ अलीनगर रानीमाऊ तटबंध पर अपना आशियाना बनाकर रहने पर मजबूर हैं।
गोबरहा गांव के समीप सरयू नदी के घटते जलस्तर से खेतों में तेजी से कटान शुरू कर दी है। जिसको रोकने का बाढ़ खण्ड कोई प्रयास भी नहीं कर रही है। पूरेडलई क्षेत्र के बसंतपुर गांव में भी नदी तेजी से कटान कर रही है। कटान की जद में पूरा बसंतपुर गांव आ रहा है। अगर समय रहते कटान नहीं रुकी तो गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया दवा का छिड़काव
बाढ़ प्रभावित गांव में संयुक्त चिकित्सालय सिरौलीगौसपुर के अधीक्षक डॉ. संतोष कुमार सिंह के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित दो दर्जन से अधिक गांव में एंबुलेंस से दवा का वितरण व जलभराव वाले क्षेत्रों में दवा का छिड़काव कराया गया। डॉ. संतोष ने बताया कि टीम बराबर प्रत्येक गांव जाकर लोगों को दवा का वितरण कर रही है। जिन गांव में बाढ़ का पानी घुसा है वहां पर मच्छर मारने व अन्य बीमारी से बचाव के लिए फॉगिंग कराई गई है।
राहत सामग्री न मिलने से आक्रोश
बीते दो माह से बाढ़ व कटान की विभीषिका झेल रहे सिरौलीगौसपुर तहसील के बाढ़ पीड़ितों को अभी तक सरकारी सुविधा के नाम पर कुछ नहीं दिया गया है। हर बार यहां पहली बार बाढ़ आने के बाद से ही लोगों को राहत सामग्री किट वितरित की जाती थी। मगर इस बार दो बार पानी गांव में प्रवेश कर चुका है।
लोग पलायन करके बांध पर रह रहे हैं। जिनको अभी तक कोई भी राहत नहीं दी गई है। बांध पर आशियाना बनाकर रह रहे गुरु प्रसाद, रामकेवल, कमला देवी, मितई प्रसाद, भुसु, रामहेत ने बताया कि हम लोगों को इस बार कोई राहत नहीं मिली है। एसडीएम सुरेंद्र पाल विश्वकर्मा ने बताया कि बाढ़ से निपटने की तैयारियां पूरी हैं।
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