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बदइंतजामी के बीच खुले स्कूल, गिनती के दिखाई दिए छात्र

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बाराबंकी। जलभराव और साफ-सफाई कराए बिना ही मंगलवार से जूनियर स्कूलों को खोल दिया गया। कई विद्यालयों को जाने वाले रास्ते पर कीचड़ और गंदगी फैली हुई थी। यहीं नहीं कई विद्यालय ऐसे भी नजर आए जिनके परिसर में बड़ी-बड़ी घास उगी दिखाई दी। ज्यादातर विद्यालयों में कोविड नियमों का पालन होते भी नहीं दिखा। बच्चे जहां कक्षा में पास-पास बैठे दिखाई दिए वहीं इनके चेहरे से मास्क भी गायब था।
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अधिकांश विद्यालयों में कोरोना से बचाव के इंतजाम न के बराबर दिखाई दिए। स्कूल में शिक्षकों की संख्या भी कम नजर आई। जो शिक्षक विद्यालय में मौजूद थे वह बच्चों को पढ़ाने के बजाए इधर-उधर टहलते दिखाई दिए। शासन के आदेश पर मंगलवार से जिले के 844 जूनियर विद्यालयों को खोल तो दिया गया लेकिन इन विद्यालयों का जो नजारा देखने को मिला वह कुछ इस प्रकार का था।
ग्रामीण क्षेत्र में भी कुछ इसी तरह के नजारे विद्यालयों में दिखाई दिए। फतेहपुर क्षेत्र के पूमावि खेरिया खपपुरवा खानपुर में 77 में 17 बच्चे मौजूद थे। तीन कमरों के विद्यालय की छत से पानी टपक रहा था। कक्षों का सैनिटाइजेशन कराए बिना ही बच्चों को बैठाया गया था।
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पूमावि रामनगर 145 में 7 बच्चे मौजूद दिखे। पूमावि देवीपुर में विद्यालय आने वाले बच्चों का टीका लगाकर स्वागत किया गया। यहां 182 में 22 छात्र ही नजर आए। पूमावि कोठी में शिक्षक तो नजर आए लेकिन बच्चे नदारद थे शिक्षक बच्चों का इंतजार करते नजर आए। पूमावि पंजरौली में पानी भरा हुआ था और नौ बजे तक एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंचा था।
पूमावि गनेशपुर में 173 में महज 12 बच्चे मौजूद दिखे। सेठमऊ में 120 में महज 45 बच्चे मौजूद थे लेकिन किसी के चेहरे पर मास्क नहीं था। पूमावि पिंडसावां में 324 महज 13 बच्चे मौजूद थे और चूल्हे पर मध्याह्न भोजन बनाया जा रहा था। यहां भी बच्चे बिना मास्क के विद्यालय में टहल रहे थे।
किसी भी विद्यालय के बंद रहने की सूचना नहीं है। विद्यालयों में जलभराव और घास होने की जानकारी मिली है। ज्यादातर विद्यालयों में कायाकल्प योजना के तहत कार्य चल रहा है अब चूंकि विद्यालय खुल गए हैं ऐसे में जो कमियां रह गई हैं। वह जल्द ही दूर कर ली जाएंगी। शिक्षकों को कोविड नियमों के तहत कक्षाएं संचालित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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-अजय कुमार सिंह, बीएसए
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