बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर बिहार से यात्रियों को लेकर दिल्ली जा रही एक निजी डबल डेकर बस बुधवार रात अनियंत्रित होकर पलट गई। बस में बिहार व गोरखपुर के यात्री सवार थे, जिसमें से 30 यात्री घायल हो गए। पुलिस ने पहुंचकर यात्रियों को बस से बाहर निकाला और क्रेन की मदद से बस को सीधा कराया। जिला अस्पताल पहुंचाए गए घायलों में 12 यात्रियों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया, जबकि अन्य 18 यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद वापस भेज दिया गया।
यह हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम वादी नगर के पास हुआ। बिहार से दिल्ली को जा रही बस अचानक अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे बने पेट्रोल पंप में लगे शेड को तोड़ते हुए पलट गई। गनीमत रही कि बस पेट्रोल पंप में नहीं घुसी। नहीं तो आग लगने से एक बड़ा हादसा हो सकता था।
हादसे के समय बस में 55 सवारियां होने की बात कही जा रही है। हादसे की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचीं सीओ सिटी सीमा यादव, कोतवाल अमर सिंह, चौकी प्रभारी अभिषेक प्रकाश, जेपी सिंह आदि ने घायलों को बस से बाहर निकाला व अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान हाईवे पर एक तरफ काफी देर तक आवागमन बाधित रहा।
यह बस बिहार के दरभंगा जिले से नई दिल्ली जा रही थी। इसमें कई जिलों की सवारियां बैठी थीं। सीओ सिटी सीमा यादव ने बताया कि बिहार से दिल्ली जा रही एक बस अयोध्या हाईवे पर पलट गई थी। इसमें करीब 30 यात्री घायल हुए थे। पुलिस ने सभी को अस्पताल में भर्ती कराया है।
मामले की जांच कर कार्रवाई होगी। उधर एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि यह बस दरभंगा बिहार से नई दिल्ली जा रही थी। बस में 40 सवारियां थीं। इसकी क्षमता 52 की है। बस का फिटनेस, बीमा व सभी कागजात जांच में सही मिले हैं।
दो बस हादसों में जा चुकी है 33 की जान
जिले में होने वाले बस हादसों में कमी नहीं आ रही है। बीते दिनों रामसनेहीघाट में हुए बस हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि देवा इलाके में हुए हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी। इन हादसों के बाद परिवहन विभाग की जांच में बसों में तमाम तरह की कमियां सामने आई थीं। लेकिन इसके बावजूद अभी तक किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई नहीं हो सकी है।
इसी का नतीजा है कि बेरोकटोक चलने वाले वाहनों से आए दिन हादसे सामने आ रहे हैं। विभाग भी अपनी बचत की जांच रिपोर्ट शासन को भेजकर पल्ला झाड़ लेता है। लेकिन शासन स्तर पर भी अफसर आंख मूंदे बैठे हैं।