बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश पाल यादव ने साक्ष्य के लिए सम्मन जारी करने और पैरोकार द्वारा व्यक्तिगत मोबाइल पर सूचित करने के बाद भी न्यायालय में उपस्थित न होने के कारण पूर्व सीओ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
मामला थाना बड्डूपुर से संबंधित सरकार बनाम सूरज आदि जिसमें नाबालिग बालिका की स्कूल से लौटते समय अपहरण व उसकी निर्मम हत्या करके नहर में फेंक दिया गया था। उसका शव तीन दिन बाद नहर से बरामद हुआ था। इस मामले की पत्रावली में साक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं।
विवेचक सीओ की गवाही शेष है। मौखिक सूचना के दौरान उन्होंने साधन और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही थी। जज ने व्यक्तिगत फोन पर सूचना को तामिला मानकर सीओ के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू जारी किया है। ज्ञात हो कि पॉक्सो एक्ट से संबंधित पत्रावलियों की मॉनीटरिंग उच्च न्यायालय द्वारा दिन-प्रतिदिन की जा रही है।
इसी अनुक्रम में इस मामले का निस्तारण उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार 13 नवंबर से पूर्व होना सुनिश्चित है। एसपी को लिखे गए पत्र में न्यायालय ने कहा है कि जारी किए गए एनबीडब्ल्यू पर साक्षी को गिरफ्तार करवा कर साक्ष्य के लिए निर्धारित तिथि 14 अक्टूबर को न्यायालय में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। जिससे उच्च न्यायालय द्वारा निश्चित की गई समयावधि में इस मामले का निस्तारण किया जा सके। (संवाद)