बाराबंकी। चिकित्सा एवं पंजीयन विभाग के नोडल अधिकारी ने शहर में संचालित दस अस्पतालों पर छापा मारा। इस दौरान प्रपत्र न दिखा पाने और कई प्रकार की खामियां पाए जाने पर तीन अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। वहीं कई अस्पताल बिना पंजीकरण के संचालित पाए जाने पर इनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
चिकित्सा एवं पंजीयन विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित ने मंगलवार को शहर में संचालित देवा अस्पताल, मानव सेवा हॉस्पिटल, उमेश क्लीनिक, सांई अस्पताल, प्रमिला डायग्नोस्टिक सेंटर, आर्यन डायग्नोस्टिक सेंटर समेत दस अस्पतालों पर छापा मारा। डॉक्टर दीक्षित ने बताया कि इनके संचालकों से लाइसेंस नवीनीकरण के प्रपत्र दिखाने को कहा गया तो कई लोग बगले झांकने लगे।
इसके अलावा कई अस्पताल बिना पंजीकरण के ही संचालित होते पाए गए। शहर का ये हाल देख नोडल अधिकारी दंग रह गए और कहा कि जब शहरी क्षेत्र का ये हाल है तो ग्रामीण क्षेत्र की हालात और बदतर हो सकती है। जांच के दौरान कई और खामियां पाए जाने पर तीन अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। डॉक्टर दीक्षित ने बताया कि सीएमओ के आदेश पर अस्पतालों की जांच की जा रही है। जहां पर भी खामियां मिल रही है नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जा रहा है।
विभाग को नहीं दे रहे प्रसव की सूचना
निजी अस्पतालों को कराए जाने वाले प्रसव की सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होती है। लेकिन नोडल अधिकारी ने जांच में पाया कि अस्पताल संचालक संस्थागत प्रसव तो अपने अस्पतालों में करा रहे हैं लेकिन इसकी कोई सूचना सीएमओ कार्यालय को नहीं दी जा रही है। जिस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी अस्पताल संचालकों को निर्देेश जारी कर कहा कि इसकी सूचना तत्काल सीएमओ कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए।