बाराबंकी। छाया चौराहा स्थित कार्यालय पर सोमवार को किसानों की बैठक हुई। इसमें 22 नवंबर को लखनऊ में होने वाली किसान महापंचायत को सफल बनाने को लेकर रणनीति बनाई गई। इस दौरान बैठक में मौजूद पदाधिकारियों को जिम्मेदारी भी सौंपी गई। इससे पहले जिला अस्पताल पहुंचे 12 किसानों ने स्वैच्छिक रक्तदान भी किया।
जिला व ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्यों की एक बैठक में 22 नवम्बर को लखनऊ में होने वाली किसान महापंचायत की तैयारियों को लेकर चर्चा हुई। यह तय हुआ कि जिले के समस्त ब्लॉकों से कम से कम दस-दस वाहन लेकिन किसान महापंचायत में शामिल होने को जाएंगे। प्रदेश उपाध्यक्ष राम किशोर पटेल ने कहा कि यह लड़ाई किसानों के अस्तित्व की लड़ाई है। सरकार और पूंजीपतियों की चाल है कि देश के किसानों को मजदूर बनाया जाए इसीलिए चोर दरवाजे से कृषि कानून लाये गए। इन्हें देश का किसान कत्तई स्वीकार नही करेगा।
निवर्तमान जिलाध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि 22 नवम्बर को लखनऊ में होने वाली किसान महापंचायत में प्रत्येक ब्लॉक से 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली का लक्ष्य ब्लॉक अध्यक्षों को दिया गया है। इसके साथ ही पंचायत में आने वाले किसानों के भोजन के लिए एक लंगर जिले इकाई की तरफ से लगाया जाएगा।
उन्होंने ये भी कहा कि सभी पदाधिकारी कमर कस लें। पूरी ताकत के साथ पंचायत को सफल बनाने में जुट जाएं, यह पंचायत ऐतिहासिक होगी। बैठक से पूर्व जिला अस्पताल की पैथालॉजी पहुंचे करीब 12 किसानों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। इस मौके पर उत्तम सिंह, हौसिला प्रसाद, राम बरन वर्मा, राधेलाल, कमलेश कुमार पटेल, सतीश वर्मा, विक्रांत सैनी, जागेश्वर चौधरी आदि मौजूद रहे।