बाराबंकी। जिला पंचायत की पहली बोर्ड बैठक में शुक्रवार को विकास कार्यों के मुद्दे छाए रहे। सड़क, सफाई, नाली, धान खरीद व गोशालाओं की दुर्दशा के मामलों को लेकर जिला पंचायत सदस्यों ने बारी-बारी सवाल उठाए तो अपने क्षेत्र की समस्याएं भी गिनाईं। इसको जिला पंचायत अध्यक्ष व सांसद समेत जनप्रतिनिधियों ने गंभीरता से लिया।
जल्द ही समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं कई सवाल पर सीडीओ ने प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी से जनप्रतिनिधियों की जिज्ञासा शांत की। बोर्ड की पहली बैठक में ही जिला पंचायत अध्यक्ष ने सबका साथ, सबका विकास व सबके विश्वास वाली जिला पंचायत की कार्ययोजना होने का भरोसा दिलाकर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजरानी रावत की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सबसे पहले नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य, ब्लॉक प्रमुख और जिला स्तरीय अधिकारियों का परिचय हुआ। इसके बाद पंचम राज्य वित्त आयोग अनुदान योजना व पंद्रहवां वित्त आयोग अनुदान योजना वर्ष 2021-22 के टाइड फंड एवं अनटाइड फंड की वार्षिक कार्ययोजना पर विचार किया गया।
पंद्रहवें वित्त आयोग योजना वर्ष 2020-21 की अनुपूरक कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के मध्य विभागवार विकास कार्यों और जनसमस्याओं पर चर्चा की गयी। जिला पंचायत अध्यक्ष के समक्ष सदस्यों ने राशनकार्ड, नाली सफाई, सड़क मरम्मत, बिजली, शिक्षा समेत कई विषयों पर शिकायतें दर्ज करायी गयी। जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि संबंधित अधिकारी बैठक में आई शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल निस्तारित कर अवगत कराएं।
इस दौरान जिला पंचायत सदस्य शहंशाह ने शपथ ग्रहण के बाद समितियों के गठन की सूचना सदस्यों को न देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हालांकि इस मामले में सांसद के हस्तक्षेप के बाद उन्हें शांत कराया गया। जिला पंचायत सदस्य रामबरन ने नहर से निकली नालियों की सफाई न होने से सिंचाई की समस्या उठाई तो मनरेगा से इस काम कराने का प्रस्ताव रखा।
वहीं छुट्टा मवेशियों के बारे में भी अपनी बात कही। हौसिला प्रसाद ने धान खरीद को लेकर सवाल खड़े किए। हरख व बंकी क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्यों ने हरख-जैदपुर व सिद्धौर मार्ग के जर्जर होने की बात कही। जिस पर उन्हें बताया गया कि कुछ मार्ग पीएमजीएसवाई से बनने हैं। जिसका प्रस्ताव भेजा गया है।
एक महिला सदस्य ने गांव की सफाई व्यवस्था न होने से डेंगू व मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियां व संक्रमण फैलने की बात कही। इस पर सीडीओ एकता सिंह ने कहा कि सभी बीडीओ को इस संबंध में आदेश दिए गए हैं कि वह संबंधित मद से गांव में साफ-सफाई व रसायन का छिड़काव कराएं।
सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने प्राप्त शिकायतों की जांच कर कार्यों को पूरा कराने के आदेश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाये। बैठक में विधायक सतीश शर्मा, बैजनाथ रावत, शरद अवस्थी, साकेंद्र वर्मा, सुरेश यादव, गौरव रावत, एमएलसी राजेश यादव, अवनीश वर्मा, सांसद अयोध्या प्रतिनिधि बाबा परमेंद्र सिंह पूर्व सांसद रामसागर रावत व सभी ब्लॉक प्रमुख व जिला पंचायत सदस्य मौजूद रहे।
निजाम बदला पर नहीं बदली अफसरों की कार्यशैली
विपक्ष के जिला पंचायत अध्यक्ष होने के समय से अफसरों का बैठक से किनारा कर प्रतिनिधियों की भेजने के परंपरा निजाम बदलने के बाद भी नहीं बदली। भले ही सत्ता पक्ष का जिला पंचायत अध्यक्ष क्यों न हो गया है। मगर, बेअंदाज अफसरों ने फिर अपने प्रतिनिधियों को भेजकर पुरानी परंपरा ही नहीं निभाई बल्कि नए जिला पंचायत अध्यक्ष को अपने रुतबे का अहसास कराया। इस बात को लेकर एमएलसी राजेश यादव ने सवाल भी उठाया। इस पर सीडीओ ने इसकी जानकारी जुटाकर कार्रवाई का भरोसा दिलाकर मामले को शांत कराने का प्रयास किया।
जीत के गिफ्ट के बहाने एमएलसी ने सदस्यों पर डाले डोरे
सपा के एमएलसी राजेश यादव ने जिला पंचायत सदस्यों को जीत की बधाई के साथ गिफ्ट में एक-एक सोलर लाइट देने की घोषणा की। हालांकि इसके मायने आगामी चुनाव के लिए डोरे डालने से लगाने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता।
महिला सदस्यों के प्रतिनिधियों की होगी भागीदारी
जिला पंचायत सदस्य लवली रावत ने कहा कि कुछ महिला जिला पंचायत सदस्य कम पढ़ी-लिखी हैं। ऐसे में उनके प्रतिनिधियों को उनके सहयोग का मौका दिया जाना चाहिए। ताकि उनकी बात उनके प्रतिनिधि अधिकारियों पर सलीके से पहुंचा सकें। उन्होंने तर्क भी दिया कि जब सदन में संविधान में संशोधन किया जा सकता है। तो इस सदन को इस मुद्दे पर भी विचार करना चाहिए। जिसका कई सदस्यों ने समर्थन किया।