बाराबंकी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को प्रतिदिन जहां लाखों का राजस्व नकद के रूप में मिलता है। वहीं फास्टैग के जरिए टैक्स की राशि सीधे एनएचएआई के खातों में पहुंचती है। अयोध्या-लखनऊ हाईवे समेत जिले के तीनों राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने टोल से चौबीस घंटे में 50 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। बावजूद इसके यात्रियों को मिलने वाली सुविधाएं नदारद हैं। जिम्मेदार अधिकारी भी इस पर गंभीर नहीं हैं।
रामसनेहीघाट क्षेत्र में हुए भीषण हादसे के बाद लापरवाह एनएचएआई सुर्खियों में आया है। इनके द्वारा टोल टैक्स लिए जाने के बाद भी जो सुविधाएं यात्रियों को मिलनी चाहिए वह नसीब नहीं हो रही है। फिर वह चाहे पेयजल हो या त्वरित चिकित्सा व्यवस्था या बैठने आदि के लिए उचित व्यवस्था। यह सुविधाएं जिले के तीनों हाईवे पर नजर नहीं आती हैं। बात अगर टोल टैक्स की करें तो अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर स्थित अहमदपुर टोल प्लाजा से चौबीस घंटे के अंदर गुजरने वाली करीब 30 हजार वाहनों से जहां चार से पांच लाख रुपये राजस्व आता है।
वहीं फास्टैग के जरिए भी लाखों की राशि मिलती है। ऐसे ही हैदरगढ़ के लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर बारा गांव के पास बने टोल पर भी चौबीस घंटे में करीब साढ़े आठ हजार वाहन गुजरते हैं। जबकि लखनऊ-बहराइच हाईवे पर शहावपुर के निकट टोल से लगभग सात हजार वाहनों का आवागमन होता है। इन दोनों हाईवे के टोल से लाखों की आमदनी एनएचएआई को राजस्व के रूप में होती है लेकिन इसके बाद भी सुविधाओं के नाम कुछ नहीं है। उसकी इस अनदेखी से आयदिन हादसे भी होते रहते हैं।
अब जागा एनएचएआई, शुरू कराई सफाई
शहर से सटे सफेदाबाद के पास एनएचएआई ने शुक्रवार को साफ-सफाई शुरू कराई। अमर उजाला द्वारा लगातार प्रकाशित किए जा रहे समाचार के बाद जागे एनएचएआई ने शुक्रवार को अपने जिम्मेदार कर्मचारियों की देखरेख में हाईवे के बीच बनी पटरी पर लगे जंगल झाड़ियों के साथ जलभराव की समस्या को दूर करते नजर आए। यह कार्य अभी कई दिनों तक चलने की बात कही जा रही है।