बाराबंकी जिले में अवैध रूप से चल रही दो क्लीनिकों को सील करा दिया गया है। इसके साथ ही 20 को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। सीएमओ के आदेश पर नोडल अधिकारी द्वारा की गई इस कार्रवाई से बिना पंजीकरण क्लीनिक चलाने वालों में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही झोलाछाप के इलाज से हुई बालक की मौत मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।
सीएमओ के आदेश पर मंगलवार को बालक की मौत की जांच करने पहुंचे नोडल अधिकारी डॉ. राजीव सिंह ने मदारपुर चौराहे पर संचालित रामशंकर क्लीनिक की जांच की। इसके बिना पंजीकरण पाए जाने पर सील करा दिया। इसके अलावा यहीं पर अवैध तरीके से सद्भावना क्लीनिक का संचालन किया जा रहा था। नोडल अधिकारी ने उसे भी सील कराते हुए दोनों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
नोडल अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा सुढ़ियामऊ में पांच, रानीबाजार में तीन, टिकैतनगर में छह, तिलोकपुर में तीन व अन्य स्थानों पर जांच की गई तो तीन इस तरह से करीब 20 क्लीनिक बिना पंजीकरण कराए ही संचालित किए जा रहे थे। जिस पर इन सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। बताया कि झोलाछाप के इलाज से बालक की मौत मामले में परिवारीजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही पूरी रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी। सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि नोडल अधिकारी द्वारा दो अवैध क्लीनिक को सील कराया गया है। इसके अलावा 20 को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।