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चैनपुरवा गांव पहुंच महिलाओं का बढ़ाया हौंसला

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सूरतगंज (बाराबंकी)। इस बार दीवाली के त्यौहार पर चैनपुरवा गांव के हर घर में आर्थिक समृद्धि का उजाला फैल रहा है। यहां के सात समूह की 70 महिलाओं ने एक माह से दिन रात मेहनत कर इकोफ्रेंडली कैंडल दीये तैयार किए हैं। इन दीयों की शहरों में खासी डिमांड है। मंगलवार को आईपीएस अधिकारी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने चैनपुरवा कायाकल्प फाउंडेशन के सदस्यों के साथ गांव पहुंच कर महिलाओं को पहली किस्त का न सिर्फ मानदेय सौंपा, बल्कि हौसला भी बढ़ाया।
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आईपीएस अधिकारी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी मंगलवार को फाउंडेशन के कोषाध्यक्ष राजीव शर्मा, सचिव निमित सिंह व आशीष पाठक के साथ गांव पहुंचे। इस दौरान अब तक बिक्री किए गए करीब ढाई लाख कैंडल दीयों के निर्माण की मजदूरी महिलाओं को दी गई।
कल्याण स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुन्दारा को 31,450 रूपये, निषादराज स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष शान्ती देवी को 41,350 रूपये, उजाला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष रीता देवी को 40,876 रूपये, आदर्श स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष विद्यावती को 38,600 रूपये, गणेश स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुरजा को 34,100 रूपये, उत्थान व सद्भावना स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष जामवंती व सुंदारा को 70,424 हजार रूपये दिये गए।
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आईपीएस अरविंद ने ट्रस्ट की ओर से महिलाओं को मिठाई और बच्चों को टॉफी देकर उन्हें दीपावली की बधाई दी। मौके पर सीओ दिनेश दुबे, इंस्पेक्टर नारद मुनि, चौकी इंचार्ज अनिरुद्ध मिश्र मौजूद रहे। मालूम रहे कि चैनपुरवा गांव दो साल पहले तक कच्ची शराब के अवैध धंधे के लिए बदनाम था। पुलिस रिकॉर्ड में भी आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई व मुकदमों की संख्या भी टॉप पर थी।
तब तत्कालीन एसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने गांव को परिवर्तन के लिए चिन्ह्ति किया। इसके बाद गांव की तस्वीर बदलनी शुरू हो गई। इस बार दीवाली से पहले गांव के सात स्वयं सहायता समूह की 70 महिलाओं ने इकोफ्रेंडली दीये बना कर ऑर्डर पूरे किए। लखनऊ में भी चैनपुरवा ब्रैंड के कैंडल दीयों के स्टाल लगे।
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