बाराबंकी। रस्क बनाने वाली फैक्टरी के अंदर ही बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से मैक्रोनी बनाने की फैक्टरी संचालित की जा रही थी। अभिहीत अधिकारी के नेतृत्व में पहुंची टीम द्वारा मारे गए छापे में मामला पकड़ में आने के बाद अभिहीत अधिकारी ने फैक्टरी सील कराते हुए दो क्विंटल खराब मैक्रोनी पाए जाने पर इसे नष्ट करा दिया है। इसके अलावा मानकविहीन पाए जाने पर करीब 35 हजार 912 पैकेट रस्क को सीज किया गया है जिनकी कीमत पांच लाख रुपये बताई जा रही है। अभिहीत अधिकारी ने फैक्टरी संचालकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
सफेदाबाद के निकट दनियालपुर में मेसर्स डेयरी होम बेकर्स फैक्टरी का संचालन किया जा रहा है। यहां पर सूजी से रस्क बनाने का काम होता है। टीम ने यहां पर छापा मारा तो हड़कंप मच गया। जिस पर संदेह के आधार पर 35 हजार 912 पैकेट रस्क को सील करा दिया गया है। इसकी कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई जाती है। टीम ने बताया कि जांच में पाया गया कि फैक्टरी परिसर में ही अवैध तरीके से मैक्रोनी बनाने की फैक्टरी संचालित की जा रही थी। यहां से दो क्विंटल खराब मैक्रोनी पाए जाने पर उसे नष्ट कराते हुए फैक्टरी को सील करा दिया गया है।
इसके अलावा सफेदाबाद स्थित मां फूडस रस्क फैक्टरी से दो नमूने भरकर जांच के लिए भेजे गए हैं। टीम की इस कार्रवाई से आसपास के अन्य खाद्य पदार्थ विक्रेताओं में हड़कंप मचा रहा। इस मौके पर अनिल कुमार पाल, डॉ. राकेश कुमार सिंह, अरविंद सिंह, कंचन लता तिवारी, शंकर दयाल तिवारी आदि मौजूद रहे।
इस बाबत एफएसडीए की अभिहीत अधिकारी प्रियंका सिंह ने बताया कि सफेदाबाद के दनियालपुर स्थित एक रस्क की फैक्टरी के अंदर अवैैध तरीके से मैक्रोनी बनाने की फैक्टरी संचालित की जा रही थी। जिसे तत्काल प्रभाव से सील करा दिया गया है और मौके पर मिली दो क्विंटल मैक्रोनी को नष्ट कराया गया है। इसके अलावा 35 हजार 912 पैकेट रस्क संदेह के आधार पर सील कराते हुए संचालकों को नोटिस भेज जवाब तलब किया गया है।