बाराबंकी। बारिश से ध्वस्त हुई जिले की बिजली व्यवस्था शनिवार को भी लगभग फेल ही रही। बीते गुरुवार को तेज हवा के साथ हुई बारिश ने आपूर्ति व्यवस्था की कमर तोड़ दी है। बारिश के चलते बिजली लाइन पर कहीं पेड़ तो कहीं बिजली के खंभे गिर जाने से समस्या विकट हो गई है। शहर में जहां दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रही वहीं ग्रामीण अंचलों मेें कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है जिससे साढ़े तीन सौ गांवों की करीब चार लाख आबादी प्रभावित है।
रामसनेहीघाट, हैदरगढ़, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर में मुख्य की लाइन में फॉल्ट आ जाने से तीन दिनों से बिजली गुल है। बिजली कर्मचारी जैसे-तैसे लाइन सुधारते हैं। कुछ ही समय बाद फिर से उसमें फॉल्ट आ जाता है। दो रातें लोगों ने करवटें बदलते बदलते गुजार ली है लेकिन शनिवार को लाइन में सुधार का कार्य चलता रहा।
अभी भी लाइन में पूरी तरह से सुधार नहीं हो सका। ग्रामीण अंचलों में अधिकांश लोगों के मोबाइल डिस्चार्ज हो गए। जिससे वह एक दूसरे से बात नहीं कर पा रहे हैं। रामसनेहीघाट डिवीजन में जैदपुर, इचौली, दुल्हदेपुर, भीखरपुर, चौरी अलादादपुर फीडर से बिजली आपूर्ति ठप है। जिससे इससे जुड़े गांव मंगरौरा, मालिनपुर, अलादादपुर, भानपुर, सुल्तानपुर, भीखरपुर समेत 130 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद है। इससे करीब डेढ़ लाख आबादी प्रभावित है।
हैदरगढ़ में त्रिवेदीगंज, बहुता, टेलीफोन फीडर आंशिक रूप से ही दुरुस्त हो सका जिससे 50 गांव की करीब 70 हजार आबादी परेशान है। वहीं सुबेहा सब स्टेशन से पलिया फीडर जाने वाली लाइन में फाल्ट से करीब सत्तर गांव की 50 हजार आबादी प्रभावित है। पूरे कारिक गांव के समीप खंभा क्षतिग्रस्त होने से करीब आठ गांव की दस हजार आबादी को बिजली नहीं मिल रही है।
सिरौलीगौसपुर में भी फाल्ट दुरुस्त नहीं हो सका जिससे खजुरिहा, अमरादेवी, भवानीपुर, ददरौली, गोपीपुर समेत करीब 30 गांव की करीब 50 हजार आबादी को बिजली नही मिल पा रही है। फतेहपुर में गदिया, पटना, हसनपुर टांडा, तिलरन, रौजा, सिहाली, सरैया, भैसुरिया समेत करीब सत्तर गांव की 80 हजार आबादी को बीते तीन दिनों से बिजली नहीं मिल पा रही है। अधीक्षण अभियंता चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि बारिश के चलते बिजली खंभा क्षतिग्रस्त हो गए और तार टूट गए हैं। कार्य लगातार चल रहा है, जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल हो जाएगी।