देवा (बाराबंकी)। किसान के घर पर बदमाशों द्वारा महिला की हत्या कर हुई लाखों की लूट के मामले में पुलिस आठ दिन बाद भी खाली हाथ है। तलाश में जुटी तीन सीओ की अगुवाई में गठित अलग अलग पुलिस टीमों के हत्थे एक सप्ताह बीत जाने के बाद लुटेरे नहीं चढ़े हैं। वारदात का खुलासा न होने से क्षेत्रवासियों में गहरा आक्रोश है।
बीते 10/11 सितंबर की रात देवा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मुजीमपुर निवासी किसान शिवप्रताप वर्मा के घर पर बदमाशों ने धावा बोलकर उसकी मां चंद्रावती की डंडे से पीट-पीटकर हत्या के बाद गृह स्वामी व उसके छोटे भाई छोटे लाल, पत्नी अंजू को पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
इसके बाद बदमाश लाखों कीमत के जेवर नगदी व अन्य सामान उठा कर फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने वारदात के खुलासे के लिए क्षेत्राधिकारी नगर, क्षेत्राधिकारी सदर व क्षेत्राधिकारी क्राइम के नेतृत्व में तीन टीमें बनाकर घटना के जल्दी खुलासे को निर्देशित किया था।
लेकिन हवा में हाथ पैर मार रही पुलिस की किसी भी टीम को आरोपियों की भनक तक नहीं लग पायी है। मौके पर बुलाए गए डॉग स्क्वायड व प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बनवाए गए स्केच से भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पा रही है। दूसरी तरफ पीड़ित परिवार घटना के बाद से अभी भी सदमे में है।
बदमाशों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार काम कर रही है। जो संदिग्ध मिलता है उससे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।
यमुना प्रसाद, एसपी