बाराबंकी। जिले में बीते तीन माह के अंतराल में हुए दो बड़े बस हादसों में 33 लोगों की मौत होने के मामले के बाद अब हादसों से बचाव की तैयारी तेज की गई है। इन हादसों को लेकर अमर उजाला में प्रकाशित की गई खबर का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है।
इसके बाद जांच कराने के लिए एक हाई लेवल कमेटी भी शासन स्तर से बनाई गई है। इसके अलावा हाईवे के अवैध कट भी बंद कराए जा रहे हैं। हालांकि कई जगह ऐसी हैं जहां पर अवैध कट हादसों को दावत दे रहे हैं। लेकिन पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि ऐसे कट को जल्द से जल्द बंद करवा दिया जाए।
बीते 27 जुलाई को जिले के रामनेहीघाट कोतवाली क्षेत्र में अयोध्या हाईवे पर एक बस हादसा हुआ था। बस में सवार बिहार के 18 यात्रियों की मौत हो गई थी वहीं 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। वहीं सात अक्टूबर को देवा कोतवाली क्षेत्र में किसान पथ पर हुए बस हादसे में 15 यात्रियों की मौत हो गई थी।
इस हादसे की वजह हाईवे का अवैध कट व छुट्टा मवेशी होने की बात सामने आई थी। हादसों के बाद जांच टीमें तो कई बनाई गईं लेकिन किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी है। वहीं इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अब हादसों के बचाव के साथ ही मामले की जांच में तेजी आई है। इसको लेकर देवा पुलिस ने माती के पास मुरादाबाद व टिकरिया गांव के कट को भी बंद करवा दिया है। इसके साथ ही अयोध्या हाईवे पर जो अवैध कट बने हैं उनको बंद कराने का काम किया जा रहा है।
बस हादसे के बाद यातायात मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी गई थी। हाईवे पर हादसा न होने पाए इसके लिए पुलिस निरंतर प्रयास में लगी है। जो अवैध कट बने हैं उनको बंद करवाने का काम किया जा रहा है।
-सीमा यादव, सीओ सिटी