सूरतगंज (बाराबंकी)। जलकुंभी से पटी पड़ी भगहर झील को ‘बर्ड सेंचुरी’ के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। बीते दिनों डीएम ने अफसरों के साथ झील पहुंच कर स्थित का जायजा लिया था। उन्होंने वन विभाग को झील से जलकुंभी हटवाने की जिम्मेदारी दी है।
भगहर झील को बर्ड सेंचुरी के रूप में विकसित करने के बाद वन विभाग यहां पक्षियों की संख्या बढ़ाने की भी कोशिश करेगा। सूरतगंज-फतेहपुर मार्ग पर 84 हेक्टेयर में भगहर झील फैली है। झील का आधे से ज्यादा हिस्सा जलकुंभी से पट चुका है।
वन विभाग ने इस झील के सुंदरीकरण के लिए करीब पैंतीस लाख का प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा था। इसके बाद दस लाख रूपये का बजट स्वीकृत हुआ था। इसमें वन विभाग ने गोल हॉट, वॉच टावर और पेयजल की व्यवस्था कराई है। बाकी के बजट को भी बहुत जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
दो दिन पहले डीएम, सीडीओ, एडीएम, एसडीएम व वन विभाग, बाढ़ खंड, सिंचाई विभाग समेत अन्य विभाग अफसर भगहर झील पहुंचे थे। वहां उन्होंने समीक्षा के बाद डीएफओ रुस्तम परवेज को विभागीय फंड से झील को साफ कराने के लिए, उसमें फैली जलकुंभी को हटवाने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ खंड और सिंचाई विभाग को भी जिम्मेदारी के साथ काम करने को कहा है।
डीएम ने खुद वन विभाग को झील को बर्ड सेंचुरी के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया है। प्रशासन के मुताबिक झील को बर्ड सेंचुरी के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। झील साफ होने के बाद पर्यटक नौका विहार का भी आनंद उठा पाएंगे।। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए कैंटीन, शुलभ शौचालय का भी निर्माण होगा।