सफेदाबाद (बाराबंकी)। राष्ट्रपति की अयोध्या ट्रेन यात्रा के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा खोदे गए मार्ग को लेकर ग्रामीण बृहस्पतिवार को आक्रोशित हो उठे। काफी संख्या में लोगों ने पहुंचकर सांसद आवास का घेराव कर दिया। इस पर सांसद मौके पर गए और डीआरएम से बात कर रास्ता सही करवाया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
शहर इलाके में परेठिया गांव अयोध्या-लखनऊ हाईवे का निकटवर्ती गांव है। इसके पीछे पड़ने वाले दर्जनों गांवों के ग्रामीण इसी गांव से होकर हाईवे तक पहुंचते हैं। लेकिन रेलवे द्वारा अवैध रूप से बंद की गई रेलवे क्रॉसिंग के कारण ग्रामीण परेशान हैं। प्रतिदिन सैकड़ों वाहन और हजारों ग्रामीण इस बंद पड़ी क्रॉसिंग से होकर जिला मुख्यालय और अन्य जगहों पर पहुंचते हैं।
मगर कुछ दिन पूर्व रेलवे प्रशासन ने राष्ट्रपति की यात्रा का बहाना बताते हुए परेठिया गांव के आने जाने वाले सभी रास्तों को जेसीबी से खुदवाकर बंद करा दिया था। इससे हजारों ग्रामीण गांव में ही कैद हो गए थे। रेलवे के इस काम से आक्रोशित होकर ग्रामीण आंदोलित हो गए। आधा दर्जन से अधिक गांवों के सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित होकर बृहस्पतिवार की सुबह शहर में लखपेड़ाबाग स्थित सांसद उपेंद्र रावत के आवास पर जा धमके।
पहले तो सांसद ने ग्रामीणों को आश्वासन देना चाहा लेकिन लोग नहीं माने और सांसद आवास का फाटक बंद कर बाहर धरना देना शुरू कर दिया। सांसद ने ग्रामीणों को शांत कराया और डीआरएम से मामले से संबंधित बात हो जाने को कहा। लेकिन ग्रामीण इतने पर भी नहीं माने और उनको मौके पर ले जाने की बात पर अड़ गए।
इस पर सांसद मौके पर पहुंचे और खुदे रास्ते को अधिकारियों को बुलवाकर दिखाया फिर उसे पटवाया। नये चक मार्ग की राजस्व कर्मियों से त्वरित पैमाइश कराकर उसे भी पूर्ण कराने को कहा। मौके पर से ही फिर डीआरएम से फोन पर बात कर उन्हें भी मौके पर आने को कहा।
लेकिन कहीं और व्यस्त होने के नाते उन्होंने कुछ दिन का समय मांगा और बंद फाटक को खुलवाने की बात कही। आंशिक रूप से समस्या का समाधान होने के बाद ग्रामीणों ने सांसद के प्रति आभार जताया है।
रास्ता बंद कर रहे रेल कर्मियों से एकत्र हुई महिलाओं ने कहा कि इन गड्ढों में पहले हम सबको बंद करो फिर हम रास्ता बंद होने देंगे। महिलाओं के यह तेवर देख रेलकर्मी सहम गए और काम बंद कर दिया। जैसे ही सांसद मौके पर पहुंचे महिलाओं का साहस और भी बढ़ गया।
उन्होंने उन्हें ही घेर लिया और समस्या का स्थायी समाधान न होने तक उनको गांव के बाहर न जाने देने की बात कही। यह सुनकर सांसद असहज हो गए और लगभग दो घंटे तक गांव में बैठे रहे। इसके चलते भिटौली, काशीपुरवा, डल्लूखेड़ा, भोजपुर, जरूवा इब्राहिमपुर की लगभग बारह हजार की आबादी प्रभावित है।