बाराबंकी। बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए इस बार ई-पॉप मशीन से धान की खरीद की जाएगी। इसके लिए जिलेभर में फिलहाल 30 केंद्र बनाए गए हैं। एजेंसियों से मिले प्रस्ताव के बाद सूची को अनुमोदन के लिए जिलाधिकारी के पास भेजा गया है। लेकिन इस बार वहीं किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना धान बेच सकेंगे जिन लोगों ने अपना पंजीकरण करा रखा है। इसके पीछे सरकार की मंशा घोषित समर्थन मूल्य का लाभ सीधे किसानों को देना है। यहीं कारण है कि इस बार धान खरीद में कई प्रकार के बदलाव किए जा रहे हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक नवंबर से धान की खरीद शुरू होगी। इसको लेकर तैयारियां काफी जोरों पर चल रही है। इसके लिए जिले भर में अभी तक 30 केंद्र खोले गए हैं। केंद्रों की संख्या अभी और घट बढ़ सकती है क्योंकि पिछले साल 56 स्थानों पर धान की खरीद की गई थी। लेकिन इस बार ई-पॉप मशीन से ही धान की खरीद की जाएगी। क्योंकि चुनावी वर्ष सरकार किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ देने के लिए प्रयासरत है और सरकार चाहती है घोषित समर्थन मूल्य का लाभ सीधे किसानों को मिले।
इसी उद्देश्य से ई-पॉप मशीनों से ही खरीद की जानी है। इसके अलावा इस बार वहीं किसान अपना धान सरकारी केंद्रों पर बेच सकेंगे जिन किसानों ने पहले से अपना पंजीकरण करा रखा है। इसलिए किसानों के पास अभी भी समय है और वह निकट के जनसेवा केंद्र पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। हालांकि कि अभी कई एजेंसियों ने अपनी सूची विभाग को नहीं सौंपी है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि क्रय केंद्रों की संख्या अभी और बढ़ेगी।
यहां पर खोले जाएंगे धान खरीद केंद्र
विपणन शाखा बाराबंकी मंडी, देवा, हरख, सफदरगंज मंडी, फतेहपुर, कुर्सी, बुढ़वल, सूरतगंज, सिरौलीगौसपुर, टिकैतनगर, भिटरिया, दरियाबाद, सिद्धौर, हैदरगढ़ और त्रिवेदीगंज में धान खरीद केंद्र खोलेगी। वहीं पीसीएफ साधन सहकारी समिति ज्योली, मुबारकपुर, सैहारा, बनीकोडर, रामपुर, मोहम्मदपुर उपाध्याय, उस्मानपुर और हैदरगढ़ में धान खरीद केंद्र खोलेगी। वहीं मंडी परिषद बाराबंकी मंडी, सफदरगंज मंडी और हैदरगढ़ मंडी में पीसीयू सादुल्लापुर, बडनपुर और पेचरुवा तथा भारतीय खाद्य निगम हैदरगढ मंडी में धान खरीद केंद्र खोलेगी।
जिले में धान खरीद के लिए 30 केंद्र बनाए गए हैं। इस बार धान की खरीद ई-पॉप मशीनों से होगी। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। किसानों से अपील की जाती है कि यदि उन्होंने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है तो वह पंजीकरण करा लें जिससे सरकारी केंद्रों पर धान बेचने में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
-रमेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी